भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने गुरुवार को विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर एक 'रेड-ग्रीन नेक्सस'(Red-Green Nexus) का हिस्सा होने का आरोप लगाया। इसमें वामपंथी और इस्लामी संगठन शामिल हैं। बीजेपी का आरोप है कि अंतरराष्ट्रीय समूहों का एक नेटवर्क अलग-अलग देशों में अशांति फैलाने और लोकतांत्रिक तरीके से चुनी गई सरकारों को हटाने के लिए काम कर रहा है।
बीजेपी प्रवक्ता गौरव भाटिया और राहुल गांधी (फाइल फोटो)
एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में, बीजेपी प्रवक्ता गौरव भाटिया ने राहुल गांधी और कांग्रेस पर निशाना साधने के लिए 'फॉक्स न्यूज डिजिटल' की एक जांच का हवाला दिया। यह जांच फ्रांस और अन्य देशों में हुए विरोध-प्रदर्शनों से जुड़े अंतरराष्ट्रीय संगठनों के बारे में थी। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष के नेता ऐसे समूहों से जुड़े हैं जो सरकारों को अस्थिर करना चाहते हैं। साथ ही, उन्होंने भारत के चुनाव आयोग (ECI) के खिलाफ हो रहे विरोध-प्रदर्शनों के स्रोत पर भी सवाल उठाए।
'रेड' (लाल) का मतलब वामपंथी और 'ग्रीन' (हरा) का मतलब इस्लामी संगठनों से है'
भाटिया ने कहा, 'हम एक बहुत ही महत्वपूर्ण मुद्दे पर बात करेंगे, जो अराजकता और अव्यवस्था के उस मॉडल से जुड़ा है जिसे विपक्ष के नेता राहुल गांधी देश में बढ़ावा दे रहे हैं।' उन्होंने आरोप लगाया, '101 संगठनों ने लोकतांत्रिक तरीके से चुनी गई सरकारों को हटाने के लिए एक इकोसिस्टम (तंत्र) तैयार किया है। यह 'ग्रीन-रेड नेक्सस' है... जिसमें 'रेड' (लाल) का मतलब वामपंथी और 'ग्रीन' (हरा) का मतलब इस्लामी संगठनों से है।'
भाटिया ने दावा किया कि रिपोर्ट में सामने आए अंतरराष्ट्रीय संबंधों ने भारत में विरोध-प्रदर्शनों का समर्थन करने वाले संगठनों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि यह नेटवर्क घरेलू राजनीतिक मुद्दों पर हो रहे प्रदर्शनों को चुनी गई सरकारों के खिलाफ एक बड़े अभियान में बदलने की कोशिश कर रहा है।
Indian Alliance Paris की भूमिका का भी जिक्र
बीजेपी नेता ने 'इंडियन अलायंस पेरिस' (Indian Alliance Paris) की भूमिका का भी जिक्र किया। फ्रांस स्थित इस संगठन ने 6 अक्टूबर को दिल्ली में एक विरोध-प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी को हिरासत में लिए जाने का वीडियो शेयर किया था। भाटिया ने कहा, '6 अक्टूबर को राहुल गांधी का सबसे करीबी सहयोगी कौन था? वह 'इंडियन अलायंस पेरिस' था। जब विरोध-प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी को हिरासत में लिया गया, तो 'इंडियन अलायंस पेरिस' ने ही उनके हिरासत में लिए जाने का वीडियो शेयर किया था।'
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Progressive International का भी जिक्र
उन्होंने 'प्रोग्रेसिव इंटरनेशनल' (Progressive International) का भी जिक्र किया, जो एक ऐसा संगठन है जिसमें वामपंथी राजनीतिक समूह, कार्यकर्ता और अन्य प्रगतिशील ताकतें एक साथ आती हैं। 10 जनपथ पर सोनिया गांधी और राहुल गांधी की एक संगठन के सदस्यों के साथ मुलाकात की तस्वीरों का जिक्र करते हुए, भाटिया ने सवाल उठाया कि कांग्रेस नेताओं ने उनसे मुलाकात क्यों की।
'हमें यह समझने की जरूरत है कि 'प्रोग्रेसिव इंटरनेशनल' क्या है?'
उन्होंने कहा, 'राहुल गांधी नहीं, राहुल गद्दार हैं। एक अंतरराष्ट्रीय संगठन 10 जनपथ पर सोनिया और राहुल गांधी से क्यों मिल रहा था? यह तस्वीर कांग्रेस पार्टी के एक्स (X) हैंडल से जारी की गई थी। हमें यह समझने की जरूरत है कि 'प्रोग्रेसिव इंटरनेशनल' क्या है।' भाटिया ने आरोप लगाया कि फ्रांस और अल्बानिया में हुए विरोध-प्रदर्शन, लोकतांत्रिक सरकारों को चुनौती देने की एक बड़ी अंतरराष्ट्रीय कोशिश का हिस्सा हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि राहुल गांधी अमेरिकी निवेशक जॉर्ज सोरोस के नक्शेकदम पर चल रहे हैं।
बीजेपी प्रवक्ता की यह टिप्पणी 'फॉक्स न्यूज डिजिटल' की एक जांच पर चल रही बहस के बीच आई है। इस जांच में उन संगठनों की पहचान की गई है, जो अलग-अलग देशों में विरोध-प्रदर्शन आयोजित करने, उन्हें समर्थन देने या उन्हें बढ़ावा देने में शामिल रहे हैं। रिपोर्ट में फ्रांस में हुए प्रदर्शनों से जुड़े नेटवर्क और उनके अंतरराष्ट्रीय संबंधों की पड़ताल की गई है। इसमें ऐसे संगठन भी शामिल हैं, जिन्होंने भारत में हुए विरोध-प्रदर्शनों का भी समर्थन किया है।
