Vice President Jagdeep Dhankhar Health: हृदय संबंधी बीमारियों के कारण नौ मार्च को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) में भर्ती किए जाने के बाद कांग्रेस की सोनिया गांधी और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी सहित कई नेताओं ने उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के स्वास्थ्य की चिंता करते हुए उनके परिवार से संपर्क किया था।धनखड़ ने सोमवार को राज्यसभा में स्वयं यह खुलासा किया। स्वास्थ्य में सुधार के बाद उन्होंने सोमवार को पहली बार बजट सत्र के दूसरे चरण में सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता की।
उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ (फाइल फोटो)
उन्होंने कहा, 'सदन के नेता (जगत प्रकाश नड्डा) और विपक्ष के नेता (मल्लिकार्जुन खरगे) मेरे परिवार से संपर्क करने वाले पहले व्यक्ति थे।' उन्होंने कहा, 'सोनिया गांधी और पश्चिम बंगाल सहित कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने मेरी पत्नी से संपर्क किया।' धनखड़ ने जब इस बात का जिक्र किया तब सोनिया गांधी सदन में मौजूद थीं।
धनखड़ को हृदय संबंधी बीमारियों के बाद नौ मार्च को राष्ट्रीय राजधानी के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान में भर्ती कराया गया था। उन्हें 12 मार्च को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई थी और पर्याप्त आराम करने की सलाह दी गई थी।धनखड़ ने राज्यसभा में सोमवार को कहा कि उनके स्वास्थ्य को लेकर सदस्यों की ओर से जताई गई चिंता उनके लिए एक 'बोध' है कि 'जब इस तरह की स्थिति आती है, तो हमारे दिल जुड़े होते हैं।'
उन्होंने कहा, 'यह मेरे लिए प्रेरणा और ज्ञान का स्रोत होगा।'
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और अन्य लोगों ने अस्पताल में उनसे मुलाकात की और कुशल-क्षेम जाना। सभापति ने कहा कि कई अन्य लोग भी अस्पताल आना चाहते थे लेकिन प्रतिबंधों के कारण संभव नहीं हो सका।उन्होंने कहा, 'मैं (उन सभी के प्रति) अपना आभार व्यक्त करता हूं।'धनखड़ ने कहा कि शायद ही कोई ऐसा था जिसने उनके स्वास्थ्य को लेकर चिंता नहीं दिखाई हो।सभापति ने कहा कि उन्होंने जन्मदिन की शुभकामनाएं देने के लिए जब तृणमूल कांग्रेस के डेरेक ओ' ब्रायन को फोन किया तो तृणमूल नेता ने उन्हें आराम करने की सलाह दी।
धनखड़ ने राज्यसभा की कार्यवाही की अध्यक्षता की
अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद सोमवार को पहला दिन था जब धनखड़ ने राज्यसभा की कार्यवाही की अध्यक्षता की।इससे पहले, सदन के नेता और केंद्रीय मंत्री नड्डा ने उनके शीघ्र स्वस्थ होने पर बधाई दी और फिर से उच्च सदन की अध्यक्षता शुरु करने के लिए आभार जताया उन्होंने धनखड़ के अच्छे स्वास्थ्य और लंबे जीवन की कामना की।
मल्लिकार्जुन खरगे ने भी कुछ इसी तरह की भावनाएं व्यक्त की
खरगे ने भी कुछ इसी तरह की भावनाएं व्यक्त की। उन्होंने कहा कि उन्हें लगा था कि राज्यसभा के सभापति अगले चार-छह दिनों तक सदन की कार्यवाही में भाग नहीं लेंगे।खरगे ने कहा कि धनखड़ के काम के प्रति उत्साह और समर्पण को देखना तथा इतनी जल्दी सभा का संचालन करना उनके लिए सुखद आश्चर्य का विषय है।
