मेदांता से डिस्चार्ज हुए वांगचुक; राजघाट में महात्मा गांधी को दी श्रद्धांजलि, कहा- बापू का रास्ता आज भी प्रासंगिक

राजघाट पर श्रद्धांजलि देने के बाद वांगचुक ने कहा कि 26 दिन के उपवास और आंदोलन के समापन के बाद उनकी पहली इच्छा महात्मा गांधी को नमन करने की थी। उन्होंने कहा कि वह देश को यह संदेश देना चाहते हैं कि गांधीजी का रास्ता आज भी समाज और लोकतंत्र के लिए सबसे उपयुक्त है।

Sonam Wangchuk: पर्यावरण कार्यकर्ता और शिक्षाविद सोनम वांगचुक को गुरुग्राम स्थित मेदांता अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया है। अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद वे सबसे पहले राजघाट पहुंचे। इस दौरान उनके साथ उनकी पत्नी गीतांजलि आंग्मो भी मौजूद रहीं। जहां उन्होंने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद सभी को धन्यवाद दिया। इसके बाद उन्होंने कहा कि बापू का दिखाया हुआ अहिंसा और शांति का मार्ग आज भी उतना ही प्रासंगिक है, जितना सौ साल पहले था।

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सोनम वांगचुक ने राजघाट में महात्मा गांधी को दी श्रद्धांजलि। (फोटो- ANI/वीडियो ग्रैब)

महात्मा गांधी को नमन करने की थी पहली इच्छा

राजघाट पर श्रद्धांजलि देने के बाद वांगचुक ने कहा कि 26 दिन के उपवास और आंदोलन के समापन के बाद उनकी पहली इच्छा महात्मा गांधी को नमन करने की थी। उन्होंने कहा कि वह देश को यह संदेश देना चाहते हैं कि गांधीजी का रास्ता आज भी समाज और लोकतंत्र के लिए सबसे उपयुक्त है।

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