अमेरिकी अरबपति जॉर्ज सोरोस (US Billionaire George Soros) के आरोपों पर केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी (Smriti Irani) ने जोरदार पलटवार किया है। इस मामले पर कांग्रेस भी मोदी सरकार के साथ दिख रहा है। स्मृति ईरानी ने कहा कि जॉर्ज सोरोस की भारत की लोकतांत्रिक प्रक्रिया में हस्तक्षेप करने की बुरी मंशा है और वह ऐसी सरकार चाहते हैं जो उनकी जरूरतों के अनुकूल हो।
केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी
क्या कहा ईरानी ने
स्मृति ईरानी ने सोरोस को आड़े हाथों लेते हुए कहा- "जिस व्यक्ति ने इंग्लैंड में एक बैंक को तोड़ा, उसने कहा है कि वह भारतीय लोकतंत्र को तोड़ना चाहता है। जॉर्ज सोरोस ने भारत की लोकतांत्रिक प्रक्रिया में हस्तक्षेप करने के अपने बुरे इरादे जता दिए हैं। उनके बयानों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि सोरोस ऐसी सरकार चुनना चाहते हैं जो उनके हित में हो।"
मिलेगा करारा जवाब
केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा कि भारत के लोगों ने ऐसी विदेशी शक्तियों को हराया है, जिन्होंने पहले भी हमारे आंतरिक मामलों में दखल देने की कोशिश की थी। अगर दोबारा से कोई इसे दोहराता है तो फिर से ऐसा करेंगे। उन्होंने कहा- "मैं हर भारतीय से जॉर्ज सोरोस को करारा जवाब देने का आग्रह करती हूं।"
क्या कहा था अमेरिकी अरबपति ने
म्यूनिख सुरक्षा सम्मेलन से पहले अपने भाषण में अमेरिकी अरबपति जॉर्ज सोरोस ने कहा कि गौतम अडानी के व्यापारिक साम्राज्य में उथल-पुथल ने भारत में विश्वास को हिला दिया है। निवेशकों के विश्वास को खतरे में डाल दिया है। यह देश में "लोकतांत्रिक पुनरुद्धार का द्वार" खोल सकता है। उन्होंने कहा था कि पीएम मोदी को अडानी समूह के आरोपों पर विदेशी निवेशकों और संसद के "सवालों का जवाब देना होगा"।
कांग्रेस का भी मिला साथ
कांग्रेस ने भी इस मामले पर जॉर्ज सोरोस पर बड़ा हमला किया है। पार्टी के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने सोरोस के बयान पर निशाना साधते हुए कहा कि PM से जुड़ा अडानी घोटाला भारत में लोकतांत्रिक पुनरुत्थान शुरू करता है या नहीं, यह पूरी तरह कांग्रेस, विपक्ष व हमारी चुनाव प्रक्रिया पर निर्भर है। इसका जॉर्ज सोरोस से कोई लेना-देना नहीं है।हमारी नेहरूवादी विरासत सुनिश्चित करती है कि उन जैसे लोग हमारे चुनाव परिणाम तय नहीं कर सकते।
