स्मृति ईरानी ने राहुल गांधी के 'मोहब्बत की दुकान' पर उठाए सवाल, किए कई तीखे वार, पूछा- ये कैसा प्यार?

  • Authored by: रामानुज सिंह
  • Updated Jun 8, 2023, 05:45 PM IST

कांग्रेस नेता राहुल गांधी( Rahul Gandhi) के 'मोहब्बत की दुकान' (Mohabbat Ki Dukan) वाले नारे पर केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी (Smriti Irani) ने कहा कि ये कैसा प्यार है जो सेंगोल का अपमान करता है? अपनी ही संसद का बहिष्कार करता है? 'द केरला स्टोरी' के आने पर बोलता नहीं है? कोयला और चारा लूटने वालों से हाथ मिलाता है।

नई दिल्ली: कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) के 'मोहब्बत की दुकान' (Mohabbat Ki Dukan) पर तीखा हमला करते हुए केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी (Smriti Irani) ने गुरुवार को भारतीय लोकतंत्र के प्रति उनके प्रेम और नए संसद भवन के उद्घाटन के बहिष्कार पर सवाल उठाया। स्मृति ईरानी ने कहा कि ये कैसा प्यार है जो सिखों का कत्लेआम करता है? ये कैसा प्यार है जो कोयला और चारा लूटने वालों से हाथ मिला लिया? ये कैसा प्यार है जो सेंगोल का अपमान करता है? ये कैसा प्यार है जो अपनी ही संसद का बहिष्कार करता है? यह कैसा प्यार है जो 'द केरला स्टोरी' के आने पर बोलता नहीं है? यह कैसा प्यार है, जो भारत को कोसने वालों से हाथ मिलाता है और उन्हें गले लगाता है? यह कैसा प्यार है? विदेशों में भारत को बदनाम करने के लिए राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि ये कैसा प्यार है जो भारत को कोसने वालों को गले लगाने वालों से हाथ मिलाते हैं, ये कैसा प्यार है? एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान स्मृति ईरानी ने महिलाओं की सुरक्षा को लेकर भारत सरकार की उपलब्धियां गिनाईं और कहा कि आज सरकार में महिलाएं सुरक्षित हैं। इसके अलावा उन्होंने मीडिया के सामने मोदी सरकार के 9 साल पूरे होने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपलब्धियां भी रखीं।

Mohabbat Ki Dukaan, Rahul Gandhi, Smriti Irani

स्मृति ईरानी ने राहुल गांधी के Mohabbat Ki Dukaan पर उठाए सवाल

लोकतंत्र को चोट पहुंचाने के लिए बाहरी ताकतों की मदद ले रही है कांग्रेस

स्मृति ईरानी ने कहा कि कांग्रेस नेतृत्व भारतीय लोकतंत्र को चोट पहुंचाने के लिए बाहरी ताकतों का इस्तेमाल कर रहा है और सत्ता की भूख में देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था को चोट पहुंचाने पर उतारू है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेतृत्व हमारे लोकतंत्र को चोट पहुंचाने के लिए बाहरी ताकतों का इस्तेमाल कर रहा है। जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आ रहे हैं, कांग्रेस नेताओं की ऐसी गतिविधियों का वर्णन अपने आप में एक संकेत है कि कांग्रेस सत्ता पर कब्जा करने की कोशिश कर रही है। सत्ता की भूख में, वे अपने देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था पर चोट कर रहे हैं। गांधी परिवार के लोग इतने बेबस क्यों हैं?

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