Ketan Aggarwal Murder Case: लोहागढ़ किले पर हुई केतन अग्रवाल की हत्या का मामला अब एक नए मोड़ पर आ गया है। आरोपी सिया गोयल के पिता प्रवीण गोयल ने कहा है कि अगर उनकी बेटी दोषी है, तो उसे भी उसे किले से धक्का दे दो जहां से केतन को धक्का दिया गया था। सिया के पिता का यह बयान ऐसे समय आया है जब पूरा देश इस हत्याकांड से स्तब्ध है। प्रवीण गोयल इस समय पुणे के एक अस्पताल में भर्ती हैं, क्योंकि 23 जून को उन्हें दिल का दौरा पड़ा था। सिया का भाई अस्पताल में माता-पिता की देखभाल कर रहा है, और पुणे के मार्केट यार्ड इलाके में स्थित उनका आवास 'लीला कुंज' फिलहाल बंद पड़ा है।
पुणे मर्डर केस में नया मोड़।
क्या है पूरा मामला?
पुणे की 20 वर्षीया सिया गोयल और उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी को उसके मंगेतर केतन अग्रवाल की हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के अनुसार, 18 जून को लोहागढ़ किले पर केतन को 400 फीट गहरी खाई में धकेल दिया गया, जिससे उसकी मौत हो गई। पुलिस के अनुसार, सिया और केतन 31 मई को पहली बार किले पर गए थे, और तभी सिया ने चेतन के साथ मिलकर उसे खाई में धकेलने की साजिश रची। सिया जानती थी कि अगर केतन को किले से धकेल दिया जाए, तो इसे दुर्घटना बताया जा सकता है।
सिया ने 4 जून को केतन को फिर किले पर ले जाने की कोशिश की, लेकिन केतन की माँ ने उसे नहीं जाने दिया। 14 जून को वो केतन को फिर किले पर ले गई और उसे धकेलने की कोशिश की, लेकिन केतन एक पेड़ पकड़कर बच गया। आखिरकार 18 जून को उनकी योजना सफल रही और केतन को खाई में धकेल दिया गया।
परिवार की जानकारी पर सवाल
केतन के पिता विशाल अग्रवाल ने आरोप लगाया कि गोयल परिवार को सिया और चेतन के संबंधों की जानकारी थी, फिर भी उन्होंने इस शादी पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि अगर उन्होंने सिया को उसकी मर्जी से शादी करने दी होती, तो उनका बेटा आज जिंदा होता। चेतन के पिता बाबूलाल चौधरी ने अपने बेटे को निर्दोष बताया। उन्होंने कहा कि उन्हें सिया गोयल के बारे में कुछ भी नहीं पता था और केस सामने आने के बाद ही उन्होंने उसका नाम सुना। पुलिस ने सिया गोयल और चेतन चौधरी को भारतीय न्याय संहिता की धारा 103 और 61(2) के तहत हत्या और आपराधिक षड्यंत्र के आरोप में गिरफ्तार किया है। दोनों को सात दिन की पुलिस हिरासत में भेजा गया है।
सिया के इशारे पर चेतन ने केतन को खाई में धकेला-पुलिस
पुणे के रियल एस्टेट व्यापारी केतन अग्रवाल की मंगेतर सिया ने 18 जून को लोहागढ़ किले में अपने प्रेमी चेतन चौधरी को पहले से निर्धारित इशारा किया, जिसके बाद चेतन ने केतन को खाई में धकेल दिया। मामले की जांच कर रहे एक पुलिस अधिकारी ने बृहस्पतिवार को यह बात कही। अधिकारी के मुताबिक, सिया और चेतन ने एक-दूसरे के साथ भागने के बजाय केतन की हत्या का फैसला किया, क्योंकि उन्हें डर था कि भागने से उनके परिवारों की बदनामी होगी।
सिया और चेतन ने एक-दूसरे पर दोष मढ़ने की कोशिश की
उन्होंने कहा, 'शुरू में सिया और चेतन ने एक-दूसरे पर दोष मढ़ने की कोशिश की, जो पूछताछ के दौरान अपराधियों के लिए आम बात है। हालांकि, आखिरकार सिया ने मान लिया कि उसने ही साजिश रची थी और चेतन भी उस योजना में शामिल था।' अधिकारी के अनुसार, चेतन ने शुरू में दावा किया कि वह किले में मौजूद था, लेकिन उस जगह पर नहीं गया, जहां से केतन को खाई में धकेला गया था और उसे नहीं पता कि वहां वास्तव में हुआ क्या था। उन्होंने बताया, 'हालांकि, यह साफ था कि वह झूठ बोल रहा है। आखिरकार दोनों ने अपराध में अपनी-अपनी भूमिका स्वीकार कर ली और घटनाक्रम का पूरा ब्योरा दिया।'
