Hindi News: संजय सिंह पर ईडी का शिकंजा कसने के बाद केंद्र सरकार पर एजेंसियों के राजनीतिक इस्तेमाल का आरोप लगना फिर से शुरू हो गया है। कल शाम हुई गिरफ्तारी के बाद से इंडिया गठबंधन के कई नेता संजय सिंह के घर जाकर उनके परिवार से मिल चुके हैं। लेकिन कांग्रेस अध्यक्ष से लेकर राहुल गांधी, केसी वेणुगोपाल या बड़े नेताओं की चुप्पी कई सवाल खड़े कर रहा है। सूत्र बता रहे हैं कि कांग्रेस ने इस पूरे प्रकरण से किनारा करने क्या फैसला लिया है। सूत्रों से जो जानकारी मिल रही है उसके मुताबिक संजय सिंह की गिरफ्तारी पर कांग्रेस की रणनीति कुछ और ही है, जो INDIA गठबंधन की एकता पर भी सवाल खड़े कर रहा है। आइए आपको विस्तार से बताते हैं कांग्रेस की इस चुप्पी के क्या मायने हैं?
एमपी, छत्तीसगढ़ और राजस्थान में आप के रवैए से नाराजगी।
गिरफ्तारी का मकसद परेशान करना या बीजेपी-आप का मिला जुला ड्रामा
विपक्षी गठबंधन 'इंडिया' की घोषणा से पहले कांग्रेस के तमाम नेता आम आदमी पार्टी को बीजेपी की बी टीम बताने से नहीं चूकते थे। इंडिया गठबंधन गठित होते समय भी कांग्रेस की दिल्ली और पंजाब की स्टेट आम आदमी पार्टी के साथ किसी भी समझौते के पक्ष में नहीं थी। लेकिन बाद में चुनावी मजबूरियों को ध्यान में रखते हुए दोनों एक मंच पर आए। लेकिन दिल्ली कांग्रेस के प्रभारी दीपक बाबरिया के एक बयान के बाद बवाल मच गया है। संजय सिंह की गिरफ्तारी पर दीपक बाबरिया ने शंका जाहिर करते हुए कहा हैं कि ये मोदी और केजरीवाल का ड्रामा भी हो सकता है। बाबरिया के कहा, अगर परेशान करने के मकसद से ईडी का इस्तेमाल किया है तो लोकतंत्र पर बहुत बड़ा प्रहार है। आने वाले समय में जो आरोप लगाए हैं उसमें कोई सबूत भी हैं या सिर्फ राजनीतिक एजेंडा, हमको देखना होगा। केजरीवाल और मोदी जी दोनो ही ड्रामा करने में एक्सपर्ट हैं। ये कोई ड्रामा करने की साजिश है, नूराकुश्ती दिखाने की कोशिश तो कह नहीं सकते हैं।'
न ट्वीट, न बयान, इंतजार क्यों कर रही कांग्रेस!
बीजेपी सांसद रमेश बिधूड़ी ने जब दानिश अली पर अपमानजनक टिप्पणी की थी, तब राहुल गांधी सबसे पहले उनके घर ढांढस बंधाने पहुंचे थे। उस वक्त कई विपक्षी दलों ने आलोचना तो की, लेकिन साथ खड़े नजर आए सिर्फ राहुल और कांग्रेस। लेकिन संजय सिंह की गिरफ्तारी कांग्रेस का कोई भी नेता अभी तक मिलने नहीं गया। पार्टी के प्रवक्ताओं ने भी जांच एजेंसियों के दुरुपयोग पर सवाल तो खड़े किए लेकिन एक्साइज पॉलिसी को लेकर चुप्पी साध ली।
एमपी, छत्तीसगढ़ और राजस्थान में आप के रवैए से नाराजगी
आगामी राज्यों के चुनावों में कांग्रेस को सबसे ज्यादा उम्मीदें मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान से ही है। लेकिन कांग्रेस का मानना है कि INDIA का घटक दल होने के बावजूद आम आदमी पार्टी मुकाबले को त्रिकोणीय बनाने की कोशिश कर रही है। इसका खामियाजा कांग्रेस का कई राज्यों में भुगतना भी पड़ा है। लेकिन इस बार कांग्रेस का फोकस सिर चुनाव जीतने पर है। इसलिए मनी लांड्रिंग के आरोपों से जुड़े इस केस में कांग्रेस ने दूरी बनाए रखी है।
शराब घोटाले मे के कविता की भूमिका को कांग्रेस ने बनाया चुनावी मुद्दा
आबकारी मामले में ईडी की जांच का दायरा तेलंगाना सीएम केसीआर तक पहुंच चुका है। उनकी बेटी के कविता पर गिरफ्तारी की तलवार लटकी हुई है। ईडी में अब तक की जांच में ये पाया गया है कि साउथ ग्रुप को फायदा देने के लिए ही पॉलिसी बनाई गई। कांग्रेस ने तेलंगाना विधानसभा चुनाव में केसीआर और उनके परिवार के भ्रष्टाचार का मुद्दा बना रखा है। सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस इस मसले पर आम आदमी पार्टी का साथ देकर राजनीतिक नुकसान नहीं चाहती है।
दिल्ली कांग्रेस ने ही एक्साइज पॉलिसी में घोटाले का लगाया था आरोप
केजरीवाल सरकार ने जैसे ही नई आबकारी नीति की घोषणा की थी वो सवालों के घेरे में आ गई थी। उस वक्त सबसे पहले तत्कालीन दिल्ली कांग्रेस के अध्यक्ष अनिल चौधरी ने सबसे पहले इस मामले को प्रेस कॉन्फ्रेंस करके उठाया था और फिर शिकायत भी की थी। दिल्ली की स्थानीय राजनीति के नजरिए से देखें तो इस मामले में इतनी गिरफ्तारियां, खुलासे, जांच सब कुछ दिल्ली कांग्रेस की जीत भी है। लगातार 15 साल तक दिल्ली की सत्ता में रहने वाली कांग्रेस जो एक विधायक के लिए भी तरस रही है उसके लिए पॉलिटिकल माइलेज साबित हो सकता है।
