Karnataka Political Crisis: कर्नाटक में कुछ समय के अंतराल के बाद अचानक से मुख्यमंत्री बदलने की मांग तेज हो जाती है और फिर मामला ठंडे बस्ते में चला जाता है। एक बार फिर से कांग्रेस नेताओं ने शिवकुमार को अगले दो-तीन माह में मुख्यमंत्री बनाने की मांग तेज की। रामनगर विधायक एच.ए. इकबाल हुसैन ने शिवकुमार को मुख्यमंत्री बनाने की मांग की तो पार्टी आलाकमान ने उन्हें कारण बताओ नोटिस थमा दिया और मामला इतना ज्यादा बिगड़ गया कि शिवकुमार को सामने आना पड़ा।
मुख्यमंत्री सिद्दारमैया (बाएं) और उपमुख्यमंत्री शिवकुमार (दाएं) (फोटो साभार: @DKShivakumar)
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष और उपमुख्यमंत्री शिवकुमार ने पार्टी नेताओं और विधायकों से नेतृत्व परिवर्तन के मुद्दे पर मीडिया से बात नहीं करने की सलाह दी। दरअसल, इकबाल हुसैन ने दावा किया कि100 से अधिक विधायक नेतृत्व में बदलाव की उम्मीद कर रहे हैं।
सिद्दारमैया ने क्या कुछ कहा?
इस बीच, मुख्यमंत्री सिद्दारमैया ने साफ कर दिया कि वह अपना कार्यकाल पूरा करेंगे। पत्रकारों के सवाल का जवाब देते हुए सिद्दारमैया ने कहा कि हां, मैं पद पर बना रहूंगा। आपको संदेह क्यों है? भाजपा और जेडीएस नेताओं ने दावा किया कि मुख्यमंत्री को बदला जाएगा। इस पर उन्होंने पलटवार करते हुए कहा कि क्या वह हमारे आलाकमान हैं?
मुख्यमंत्री सिद्दारमैया (बाएं) और उपमुख्यमंत्री शिवकुमार (दाएं) (फोटो साभार: @DKShivakumar)
सिद्दारमैया ने कहा, "आर अशोक (विपक्ष के नेता) भाजपा के आदमी हैं। बीवाई विजयेंद्र (भाजपा प्रदेशाध्यक्ष) भाजपा के आदमी हैं। चलावडी नारायणस्वामी (विधान परिषद में विपक्ष के नेता) भाजपा के आदमी हैं। अगर वह ऐसी बातें कहते हैं तो क्या आप लिखेंगे? आपको इसकी पुष्टि करनी चाहिए या नहीं?"
CM मुद्दे पर चर्चा नहीं करना चाहते शिवकुमार
समाचार एजेंसी एएनआई के साथ बातचीत में शिवकुमार ने कहा कि मेरे पास क्या विकल्प है? मुझे उनके साथ खड़े होना है और उनका समर्थन करना है। मुझे इस पर कोई आपत्ति नहीं है। पार्टी आलाकमान जो कहेगा और जो तय करेगा, उसे पूरा किया जाएगा... मैं अभी इस पर कोई चर्चा नहीं करना चाहता हूं। लाखों कार्यकर्ता इस पार्टी का समर्थन करते हैं।
कांग्रेस में कोई अंतर्कलह नहीं
इससे पहले शिवकुमार ने बुधवार को कहा था कि कांग्रेस में कोई अंतर्कलह नहीं है और जब सिद्दारमैया मुख्यमंत्री हैं तो नेतृत्व के मुद्दे पर किसी भी तरह के विवाद की कोई जरूरत नहीं है। मई 2023 में विधानसभा चुनाव के नतीजे घोषित होने के बाद मुख्यमंत्री पद के लिए सिद्दारमैया और शिवकुमार के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा हुई, लेकिन कांग्रेस आलाकमान ने शिवकुमार को मना लिया और उन्हें उपमुख्यमंत्री बनाया। उस समय ऐसी कुछ खबरें अंदरखाने से निकलकर सामने आईं थीं कि ढाई-ढाई साल वाले फॉर्मूले पर बात बनी है, परंतु इसकी कोई औपचारिक पुष्टि नहीं हुई थी।
