पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में टीएमसी की हार के बाद पार्टी से सांसदों और विधायकों का पलायन जारी है। इस बीच महाराष्ट्र में शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) में भी ऑपरेशन टाइगर की चर्चा जोरों पर है। हालांकि, शिवसेना यूबीटी के नेता इसे लगातार खारिज कर रहे हैं। इसी क्रम में शिवसेना यूबीटी के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने कहा कि उनकी पार्टी किसी भी चुनौती का सामना करने में सक्षम है। इस दौरान राउत ने सत्ता पक्ष पर तंज भी कसा है। उन्होंने कहा कि जब उनकी पार्टी का समय आएगा,तब वह दिखाएगी कि पार्टी कैसे तोड़ी जाती है।
संजय राउत, शिवसेना नेता
'सांसदों के राजग में जाने की खबरों को किया खारिज'
संसद भवन परिसर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए संजय राउत ने उन खबरों को सिरे से नकार दिया,जिनमें दावा किया जा रहा था कि शिवसेना (यूबीटी)के कुछ लोकसभा सांसद भारतीय जनता पार्टी नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) में शामिल होने पर विचार कर रहे हैं।
'हम किसी भी संकट से निपटना जानते हैं'
राउत ने कहा कि उन्हें ऐसी किसी गतिविधि की जानकारी नहीं है और पार्टी के भीतर किसी प्रकार का संकट नहीं है। उन्होंने कहा कि अगर कोई संकट आता भी है,तो हम उससे निपटना जानते हैं। हमारी पार्टी की 60 साल पुरानी विरासत है और हमने कई राजनीतिक उतार-चढ़ाव देखे हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि शिवसेना एक कार्यकर्ता-आधारित संगठन है, जहां सांसद और विधायक बदल सकते हैं,लेकिन पार्टी और उसकी विचारधारा कायम रहती है। इसी दौरान उन्होंने कहा,“जब हमारा दिन आएगा,हम दिखाएंगे कि पार्टी कैसे तोड़ी जाती है।”
उन्होंने शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय देशमुख की केंद्रीय मंत्री प्रतापराव जाधव से मुलाकात को लेकर उठे सवालों पर भी सफाई दी। उन्होंने कहा कि इस मुलाकात को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है और पार्टी के सभी सांसद मजबूती से उद्धव ठाकरे के साथ खड़े हैं। वहीं, पार्टी के लोकसभा सांसद अनिल देसाई ने भी किसी तरह की टूट या अलग गुट बनने की अटकलों को निराधार बताया। उन्होंने कहा कि उद्धव ठाकरे लगातार सांसदों के साथ बैठकें कर रहे हैं और सभी सांसद पार्टी नेतृत्व के संपर्क में हैं।
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शिवसेना यूबीटी में मची है सनसनी
गौरतलब है कि हाल के दिनों में मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना द्वारा उद्धव गुट के सांसदों को अपने साथ जोड़ने के लिए कथित तौर पर ‘ऑपरेशन टाइगर’ चलाए जाने की चर्चाएं तेज हुई हैं। इन्हीं चर्चाओं के बीच, उद्धव ठाकरे ने रविवार को पार्टी सांसदों की बैठक बुलाई थी,जिसमें शिवसेना (यूबीटी) के नौ लोकसभा सदस्यों में से केवल चार (अरविंद सावंत, अनिल देसाई, राजाभाऊ वाजे और संजय पाटिल) व्यक्तिगत रूप से शामिल हुए, जबकि ओमप्रकाश राजे निंबालकर, भाऊसाहेब वाकचौरे, नागेश बापुराव पाटिल अष्टिकर और संजय देशमुख बैठक से ऑनलाइन जुड़े थे।
