Shiv Sena (UBT) Rebel MPs: शिवसेना (यूबीटी) ने पार्टी की संसदीय बैठक से नदारद रहे सांसदों के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए नया कारण बताओ नोटिस जारी किया है। लोकसभा में शिवसेना (यूबीटी) के मुख्य सचेतक अनिल देसाई ने अनुपस्थित सांसदों को औपचारिक नोटिस भेजा है। नोटिस में उन्हें अपने आचरण पर 24 घंटे के भीतर लिखित स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया गया है।
शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे (फाइल फोटो)
नोटिस में स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि यदि तय समय सीमा के भीतर जवाब दाखिल नहीं किया गया, तो पार्टी यह मान लेगी कि संबंधित सांसदों ने स्वेच्छा से अपनी पार्टी सदस्यता छोड़ दी है। ऐसी स्थिति में उनके खिलाफ भारतीय संविधान की दसवीं अनुसूची (दल-बदल विरोधी कानून) के तहत अयोग्यता की कार्रवाई शुरू की जाएगी।
कारण बताओ नोटिस जारी
शिवसेना (यूबीटी) ने बागी तेवर अपने वाले सांसदों को कारण बताओ नोटिस जारी किया, जिसमें नागेश आष्टीकर, संजय देशमुख, संजय जाधव, संजय दीना पाटिल, ओमप्रकाश राजेनिंबालकर और भाऊसाहेब वाकचौरे शामिल हैं। इन 6 सांसदों ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को पत्र लिखकर अलग गुट की मान्यता देने की मांग की है।
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मुख्य सचेतक अनिल देसाई के सामने आए पत्र के मुताबिक, 16 जून को एक आधिकारिक व्हिप जारी किया गया था। इसके माध्यम से सभी लोकसभा सांसदों को 18 जून को आयोजित अहम बैठक में उपस्थित रहने का निर्देश दिया गया था। इसके बावजूद 6 सांसद उपस्थित नहीं हुए। साथ ही उन्होंने संसदीय दल के नेता अरविंद सावंत को कोई सूचना भी नहीं दी गई और न ही कोई कारण बताया गया।
शिवसेना (UBT) का कांग्रेस में हो रहा विलय?
शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने बागी सांसदों के उन दावों को सिरे से नकार दिया जिनमें कहा गया था कि उन्हें डर था कि पार्टी कांग्रेस में विलय कर सकती है। उद्धव ठाकरे ने जोर देकर कहा कि शिवसेना ने हमेशा 'हिंदुत्व' और 'भूमिपुत्रों' का समर्थन किया है।
