महाराष्ट्र के नासिक जिले के मालेगांव नगर निगम (एमएमसी) में आईएसएलएएम पार्टी की महिला प्रत्याशी शेख नसरीन खालिद शनिवार को महापौर चुनी गईं। वहीं, समाजवादी पार्टी (सपा) की महिला पार्षद शान-ए-हिंद निहाल अहमद उपमहापौर निर्वाचित हुईं। आईएसएलएएम पार्टी की महिला प्रत्याशी शेख नसरीन खालिद के महापौर चुने जाने के तुरंत बाद ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के स्थानीय नेता इमरान मंसूरी के एक सोशल मीडिया पोस्ट ने राजनीतिक हलकों में नई बहस छेड़ दी।
AIMIM के स्थानीय नेता इमरान मंसूरी ने नसरीन बानो शेख की बुर्के वाली तस्वीर ट्वीट की। फोटो- X/@Imranshaikh877
इमरान मंसूरी के बयान से बढ़ा सियासी पारा
नसरीन खालिद की जीत के बाद AIMIM के स्थानीय नेता इमरान मंसूरी ने नसरीन बानो शेख की बुर्के वाली तस्वीर ट्वीट की है जिस पर लिखा है कि 'बुर्के वाली मेयर'बन गई। उन्होंने इस पोस्ट के साथ यह भी लिखा,'अल्हम्दुलिल्लाह वारिस पठान साहब ने कहा था कि हिजाब पहनने वाली एक दिन मेयर बनेगी, और आज मालेगांव में वही बात सच हुई। एक हिजाब पहनने वाली बहन मेयर बनी हैं।' इस पोस्ट में उन्होंने बीजेपी नेता नितेश राणे और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को भी टैग किया है। इस टिप्पणी के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का दौर शुरू हो गया है और इसे लेकर अलग-अलग दलों के नेताओं के बीच तीखी बहस देखी जा रही है।
सपा और इस्लाम पार्टी ने बनाया था ‘मालेगांव सेक्युलर फ्रंट’
दरअसल, मालेगांव नगर निगम में इस बार इंडियन सेक्युलर लार्जेस्ट असेंबली ऑफ महाराष्ट्र (आईएसएलएएम) और समाजवादी पार्टी ने गठबंधन कर ‘मालेगांव सेक्युलर फ्रंट’ बनाया था। 84 सदस्यीय सदन में बहुमत के लिए 43 का आंकड़ा जरूरी था। 15 जनवरी को हुए निकाय चुनाव में आईएसएलएएम पार्टी ने 35 सीटें जीतीं, जबकि AIMIM को 21, शिवसेना को 18, सपा को पांच, कांग्रेस को तीन और भाजपा को दो सीटें मिलीं।
किसे मिले कितने वोट
महापौर और उपमहापौर चुनाव में शेख नसरीन खालिद और सपा की महिला पार्षद शान-ए-हिंद निहाल अहमद- दोनों को 43-43 वोट मिले। ये वोट आईएसएलएएम पार्टी के 35, सपा के पांच और कांग्रेस के तीन पार्षदों के समर्थन से मिले। इस तरह शेख नसरीन खालिद महापौर और शान-ए-हिंद निहाल अहमद उपमहापौर निर्वाचित घोषित की गईं।
महापौर पद के लिए शेख नसरीन खालिद का मुकाबला शिवसेना की प्रत्याशी लता घोडके से था, जबकि उपमहापौर पद पर अधिवक्ता नीलेश काकडे चुनाव मैदान में थे। दोनों शिवसेना प्रत्याशियों को 18-18 वोट मिले। अन्य सभी उम्मीदवारों ने चुनाव से पहले अपने नाम वापस ले लिए थे।
इस चुनाव प्रक्रिया में AIMIM और भाजपा ने मतदान में हिस्सा नहीं लिया। गौरतलब है कि आईएसएलएएम पार्टी की स्थापना पूर्व कांग्रेस विधायक आसिफ शेख रशीद ने की थी।
