सांसद शशि थरूर भी कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए रेस में है। यह बात अलग है कि केरल के ही कांग्रेसी नेता उनका विरोध करते हुए नजर आ रहे हैं। इन सबसे बेपरवाह थरूर ने बुधवार को दो लाइन को शेर ट्वीट किया था जो मशहूर गीतकार मजकरूह सुल्तानपुरी का था। उस शेर के जरिए उन्होंने अपनी मेहनत और इरादों का जिक्र किया। लेकिन इंटरनेट जगत में वो एक तर से ट्रोल हो गए। लोगों ने उल्टे सवाल करने शुरू कर दिए। इंटरनेट जगत ने पूछा कि आप अपने सफर को चाहत को इस शेर के जरिए कांग्रेस के प्रतिनिधियों तक साझा कर रहे हैं। लेकिन क्या आपको पता है कि जवाहर लाल नेहरू वो शख्स थे जिन्होंने मजरूह सुल्लानपुरी को जेल भेज दिया था।
शशि थरूर, कांग्रेस के कद्दावर नेता
मैं अकेला ही चला था जानिब-ए-मंज़िल मगर लोग साथ आते गए और कारवाँ बनता गया ~ Majrooh Sultanpuri undefined
— ANI (@ANI) Sep 28, 2022
अब सवाल यह है कि आपके मन में भी जिज्ञासा होगी कि आखिर मजरूह सुल्तानपुरी के वो कौन से गीत थे जो जवाहर लाल नेहरू को नागवार लगे और उसकी वजह से सुल्लानपुरी को दो साल की जेल काटनी पड़ी।
अमन का झंडा धरती पे है
किसने कहा लहरे ना पाए
ये भी कोई हिटलर का है चेला,
मार ले साथी, जाने न पाए!
कॉमनवेल्थ का दास है नेहरू
मार ले साथी जाने न पाए!
वामपंथ के प्रति मजरूह का था झुकाव
मजरूह सुल्तानपुरी, जो अपने वामपंथी झुकाव के लिए जाने जाते थे और तत्कालीन कांग्रेस सरकार मानती थी कि वो सरकार के विरोध की बात करते हैं। 1949 में उनके कथित स्थापना विरोधी लेखन के लिए जेल में डाल दिया गया था।मजरूह को कविता के लिए माफी मांगने के लिए कहा गया था, लेकिन उन्होंने इनकार कर दिया, जिसके बाद उन्हें अभिनेता बलराज साहनी जैसे उस समय की अन्य हस्तियों के साथ दो साल की जेल हुई।शशि थरूर के अलावा, राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, जो एक अनुभवी राजनेता और एक प्रसिद्ध गांधी परिवार के वफादार हैं, और गांधी परिवार के वफादार दिग्विजय सिंह कांग्रेस में शीर्ष पद की दौड़ में हैं। नामांकन दाखिल करने की आखिरी तारीख 30 सितंबर है और मतदान 17 अक्टूबर को होगा. नतीजे 19 अक्टूबर को घोषित किए जाएंगे.
