कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शशि थरूर ने शुक्रवार को कहा कि दिल्ली में 10 अक्टूबर को प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन से ठीक पहले मेट्रो और रेल सेवाओं पर लगाई गई पाबंदियों को लेकर उच्चतम न्यायालय का हस्तक्षेप केंद्र सरकार के लिए एक स्पष्ट संदेश है कि इस तरह के सख्त प्रतिबंध लागू नहीं किए जाने चाहिए।
पाबंदियों पर बोले कांग्रेस नेता शशि थरूर (फाइल फोटो)
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर अपनी एक पोस्ट में शशि थरूर ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि एक आत्मविश्वास से भरी सरकार हमेशा असहमति का सम्मान करती है। ऐसी सरकार असहमति की आवाजों को दबाने के लिए लाखों आम नागरिकों को असुविधा में नहीं डालती।
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उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि लोकतंत्र में सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ-साथ नागरिकों के मौलिक अधिकारों की रक्षा करना भी बेहद जरूरी है। उनके अनुसार, शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन जनता की आवाज का हिस्सा है, न कि ऐसा कोई खतरा जिसे प्रशासनिक ताकत से पूरी तरह दबा दिया जाना चाहिए।
गौरतलब है कि उच्चतम न्यायालय ने शुक्रवार को केंद्र और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया था कि कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के विरोध प्रदर्शन के मद्देनजर दिल्ली मेट्रो और राजधानी आने वाली ट्रेनों की आवाजाही पर पूर्ण प्रतिबंध नहीं लगाया जाना चाहिए।
अदालत ने स्पष्ट किया कि सुरक्षा व्यवस्था के नाम पर सब कुछ पूरी तरह ठप नहीं किया जा सकता। प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने सरकार को निर्देश दिया कि आम यात्रियों को अनावश्यक परेशानी से बचाने के लिए मेट्रो और ट्रेन सेवाओं का उचित नियमन करते हुए उनके संचालन की अनुमति दी जाए।
