उम्र 82 तो क्या हुआ,तेवर कायम, शरद पवार बोले- जिसने हमला किया उसे चुकानी होगी कीमत

  • Authored by: ललित राय
  • Updated Jul 9, 2023, 06:49 AM IST

Sharad Pawar: सियासत में लाभ को छोड़ कुछ भी स्थाई नहीं होता। महाराष्ट्र की राजनीति में अजित पवार की राह शरद पवार से अलग हो चुकी है। अब दोनों एक दूसरे पर निशाना साध रहे हैं।

Sharad Pawar: शरद पवार और अजित पवार के बीच सिर्फ राजनीतिक रिश्ता ही नहीं बल्कि पारिवारिक रिश्ता भी था। पारिवारिक तौर पर दोनों एक साथ हैं। लेकिन सियासी रास्ते अलग हैं। 2019 के बाद अजित पवार ने शरद पवार को बड़ा झटका दिया। वो ना सिर्फ महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम बने बल्कि एनसीपी पर दावा भी ठोंक चुके हैं। इन सबके बीत शरद पवार अब जनता के बीच हैं। एनसीपी के दिग्गज नेता छगन भुजबल के निर्वाचन क्षेत्र में उन्होंने अजित पवार को खुली चुनौती दी। उन्होंने कहा कि जो कोई भी उन पर हमला करेगा उसे उसकी भारी कीमत चुकानी पड़ेगी। भतीजे अजित पवार पर हमला करते हुए कह कि यह बात सच है कि उम्र 82 की हो चुकी है, लेकिन आप अभी उनके बारे में नहीं जानते। मेरी उम्र पर मत जाओ बहुत बड़ी कीमत चुकानी पड़ेगी।

येओला से शुरुआत

शरद पवार ने दौरे की शुरुआत नासिक के येओला से की जो उनके तीन दशक पुराने सहयोगी छगन भुजबल का विधानसभा क्षेत्र है।मुंबई से 255 किलोमीटर से अधिक दूर येओला में एक रैली करते हुए शरद पवार ने कहा कि आप मेरी नीति और कार्यक्रमों की आलोचना कर सकते हैं लेकिन व्यक्तिगत हमले नहीं। शरद पवार कई लड़ाइयों के अनुभवी जिन्होंने भाजपा के साथ हाथ मिलाने से इनकार कर दिया और अपनी 24 साल पुरानी पार्टी में विभाजन के बाद बागियों से मुकाबला करने का फैसला किया। प्रमुख बागी विधायकों के निर्वाचन क्षेत्रों में जाने का उन्होंने फैसला किया जिसकी शुरुआत भुजबल के गढ़ से हुई जिन्हें उन्होंने एनसीपी का पहला प्रदेश अध्यक्ष और दो बार उप मुख्यमंत्री नियुक्त किया था।

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