Shambhu Border: सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया है कि फिलहाल शंभू बॉर्डर को नहीं खोला जाए और यथास्थिति बरकरार रखी जाए। साथ ही अदालत ने किसानों की मांगों का समाधान तलाशने के लिए उनसे बातचीत करने के लिए प्रतिष्ठित व्यक्तियों की एक स्वतंत्र समिति गठित करने का सुझाव दिया। हरियाणा सरकार की तरफ से सॉलिसिटर जनरल (SG) तुषार मेहता ने कहा कि जनता की परेशानियों को लेकर हम भी चिंतित है लेकिन ट्रैक्टर ट्रॉली पंजाब से दिल्ली की तरफ जाना चाहती हैं। सुप्रीम कोर्ट में SG तुषार मेहता हरियाणा सरकार की तरफ से पेश हुए।
शंभू बॉर्डर नहीं खुलेगा
सुनवाई के दौरान क्या-क्या हुआ पढ़ें
एसजी मेहता: हमें लोगों की असुविधा का ध्यान है, लेकिन बॉर्डर की दूसरी तरफ 500 ट्रैक्टर ट्राली बख्तरबंद के रूप में मौजूद हैं।
सुप्रीम कोर्ट: अगर वो बिना ट्रैक्टर के दिल्ली आते है तो? आपने क्या उनसे बात करने की कोशिश की? क्या आपने उनके भरोसा जीतने की कोशिश की? अगर आप बातचीत करने के लिए मंत्री भेजते हैं तो वे समझेंगे कि सरकार का पक्ष रखा जा रहा है। किसी दूसरे को भेजने की क्यों नही सोच रहे हैं?
एसजी मेहता: हम इस सुझाव को सरकार के सामने रखेंगे।
सुप्रीम कोर्ट: आपको एक ऐसा व्यक्ति भेजना होगा जो दोनों तरफ से में हो। आप नेशनल हाईवे को कब तक बंद कर के रख सकते हैं।
एसजी: लेकिन नेशनल हाई वे पर JCB और ट्रैक्टर ट्रॉली की इजाजत नहीं दे सकते।
सुप्रीम कोर्ट: क्या सरकार की तरफ से कोई कृषि एक्सपर्ट पंजाब या हरियाणा को भेजा जा सकता है?
एसजी: इसके बारे में अदालत को सूचित करेगें। JCB और ट्रैक्टर को वार ट्रैंक के रूप में बनाया गया है।
बातचीत के लिए कमेटी के गठन का सुझाव
वहीं, पंजाब सरकार की तरफ से कहा गया कि बॉर्डर सील करने से पंजाब को आर्थिक नुकसान हो रहा है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हम एक कमिटी का गठन क्यों न कर दे जो प्रदर्शनकारी किसानों से बात करे। साथ ही कहा कि हम यहां पंजाब और हरियाणा के बीच विवाद को नही सुनना चाहते। सुप्रीम कोर्ट ने आदेश में कहा कि एक स्वतंत्र कमिटी बने जिसमें राज्य सरकार के लोग और कृषि एक्सपर्ट हों। पंजाब और हरियाणा कोर्ट को नाम सुझाएं जो इस कमिटी के सदस्य हो सकते हैं। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि एक हफ्ते के बाद मामले की सुनवाई की जाएगी। वही, पंजाब सरकार ने कहा कि हरियाणा सरकार बॉर्डर खोलने पर विचार करे ताकि लोगो के असुविधा न हो।
