Heatwave India: भीषण गर्मी ने पूरे देश में अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है। India Meteorological Department (IMD), जो Ministry of Earth Sciences के अंतर्गत कार्य करता है, ने देशभर में बढ़ते तापमान को लेकर हीटवेव एडवाइजरी जारी की है। IMD के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, उत्तर-पश्चिम, मध्य और प्रायद्वीपीय भारत के कई हिस्सों में तापमान 40°C से 44°C के बीच पहुंच चुका है। सबसे अधिक तापमान 44.5°C Sri Ganganagar (राजस्थान) में दर्ज किया गया। कई इलाकों में तापमान सामान्य से 5°C तक अधिक रिकॉर्ड किया गया है, जिससे हीट स्ट्रेस की स्थिति बनती जा रही है।
हीटवेव को लेकर IMD का अलर्ट (AI Image)
किन क्षेत्रों में सबसे ज्यादा असर?
IMD के अनुसार, आने वाले दिनों में हीटवेव की स्थिति इन क्षेत्रों में और गंभीर हो सकती है:
- उत्तर-पश्चिम भारत: दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, उत्तर प्रदेश
- मध्य भारत: मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, विदर्भ
- दक्षिण भारत के कुछ हिस्से: केरल और माहे
दिल्ली में तापमान 45 डिग्री के पार
दिल्ली में भीषण गर्मी का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है और तापमान 45 डिग्री के करीब पहुंच चुका है। आज राजधानी में अधिकतम तापमान 44.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जिसमें रिज इलाके में पारा सबसे ज्यादा 44.5 डिग्री तक पहुंच गया। वहीं आया नगर में 43.2 डिग्री, सफदरजंग में 42.8 डिग्री और लोधी रोड पर 42.6 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। पिछले कई दिनों से दिल्ली के अधिकतम तापमान में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है, जिसे देखते हुए मौसम विभाग ने अलर्ट जारी कर रखा है। फिलहाल आने वाले एक सप्ताह तक गर्मी से राहत मिलने के कोई संकेत नहीं हैं।
यूपी के बांदा में सबसे ज्यादा तापमान
उत्तर प्रदेश के बांदा में सबसे अधिक अधिकतम तापमान 47.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि वाराणसी में पारा 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। राजस्थान के बाड़मेर में तापमान 45.7 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ। वहीं, हिमाचल प्रदेश के ऊना में भी गर्मी का प्रकोप जारी है, जहां अधिकतम तापमान 42.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
कब मिलेगी राहत?
IMD के मुताबिक, उत्तर-पश्चिम भारत में 27 अप्रैल तक तापमान में कोई खास बदलाव नहीं होगा, उसके बाद धीरे-धीरे गिरावट देखने को मिल सकती है। हालांकि, मध्य और अन्य क्षेत्रों में पहले तापमान बढ़ेगा और फिर धीरे-धीरे कम होगा। लगातार बढ़ती गर्मी से हीट एक्सहॉशन और हीट स्ट्रोक जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। खासतौर पर बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों को अधिक सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
IMD की अहम सलाह (Do’s & Don’ts)
- दोपहर के समय धूप में बाहर निकलने से बचें
- ज्यादा से ज्यादा पानी और तरल पदार्थ पिएं
- हल्के, ढीले और सूती कपड़े पहनें
- भारी काम या एक्सरसाइज से बचें
- बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें
आगे का अनुमान (April–June 2026)
IMD के सीजनल आउटलुक के अनुसार, अप्रैल से जून के बीच देश के कई हिस्सों में सामान्य से अधिक हीटवेव के दिन देखने को मिल सकते हैं। खासतौर पर उत्तर-पश्चिम, मध्य और पूर्वी भारत में गर्मी का असर ज्यादा रहेगा। IMD ने लोगों से अपील की है कि वे समय-समय पर आधिकारिक अपडेट्स पर नजर रखें और जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। सही समय पर सावधानी और जागरूकता ही इस भीषण गर्मी से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका है।
