लालच, विश्वासघात या नेतृत्व की विफलता? मनीष तिवारी बोले- क्रॉस-वोटिंग की होनी चाहिए जांच

Cross Voting Issue: कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने गुरुवार को कहा कि बीते नौ सितंबर को हुए उपराष्ट्रपति चुनाव में कथित ‘क्रॉस-वोटिंग’ की जांच होनी चाहिए क्योंकि यह एक गंभीर मामला है। उनका कहना था कि क्रॉस-वोटिंग के तीन आयाम हैं। पहला आयाम लालच है। दूसरा विश्वासघात और तीसरा, यह नेतृत्व की विफलता है।

Cross Voting Issue: कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने गुरुवार को कहा कि बीते नौ सितंबर को हुए उपराष्ट्रपति चुनाव में कथित ‘क्रॉस-वोटिंग’ की जांच होनी चाहिए क्योंकि यह एक गंभीर मामला है। तिवारी ने यह भी कहा कि विभिन्न राजनीतिक दलों को भी आत्मचिंतन करना चाहिए, क्योंकि ‘क्रॉस-वोटिंग’ संबंधित दलों के ‘‘नेतृत्व की विफलता’’ का भी संकेत देती है।

Manish Tewari

कांग्रेस नेता मनीष तिवारी (फाइल फोटो)

कांग्रेस नेता ने क्या कुछ कहा?

समाचार एजेंसी भाषा के मुताबिक, उनका कहना था कि क्रॉस-वोटिंग के तीन आयाम हैं। पहला आयाम लालच है। दूसरा विश्वासघात और तीसरा, यह नेतृत्व की विफलता है। इसलिए अगर ‘क्रॉस-वोटिंग’ हुई है, तो यह एक गंभीर मामला है। हर पार्टी के नेतृत्व को इसकी जांच और आत्मचिंतन करना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि वह इस विषय पर विस्तार से कोई टिप्पणी नहीं करना चाहेंगे।

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