EWS आरक्षण पर सियासी जुगाली कितनी सही कितनी गलत, 1989-91 का दौर भी देखें

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Nov 8, 2022, 10:46 AM IST

आर्थिक आधार पर गरीब सवर्णों को 10 फीसद आरक्षण के संबंध में सुप्रीम कोर्ट ने 3-2 से पक्ष में फैसला सुनाया। लेकिन यह विषय सियासी बहस का शक्ल अख्तियार कर रहा है। आरक्षण के समर्थकों का कहना है कि धीरे धीरे इस व्यवस्था को खत्म करने की कोशिश की जा रही है।

EWS कोटा यानी आर्थिक आधार पर आरक्षण के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला आया। सुप्रीम कोर्ट के 5 जजों की संवैधानिक बेंच ने बहुमत के आधार पर इसे सही माना। 2019 में मोदी सरकार ने आर्थिक रूप से कमजोर सामान्य वर्ग को 10% आरक्षण का प्रावधान किया था। तब संसद में एक-दो दलों को छोड़कर करीब करीब सभी दलों ने इसका सपोर्ट भी किया था। यानी जनप्रतिनिधि इसके पक्ष में थे। लेकिन कुछ लोग इसके विरोध में सुप्रीम कोर्ट चले गए और आर्थिक आधार पर सामान्य वर्ग को आरक्षण को रोकने के लिए पूरा जोर लगा दिया। लेकिन सुप्रीम कोर्ट से साफ हो गया कि आर्थिक आधार पर आरक्षण पर कोई रोक नहीं लगेगी और ये जारी रहेगा। अदालत के इस फैसले के बाद कांग्रेस नेता उदित राज ने अदालत को जातिवादी तक करार देते हुए कहा कि इस व्यवस्था को खत्म करने की साजिश करार दिया।

reservation

EWS आरक्षण पर सियासी जुगाली

EWS कोटा

End of Feed