Haldwani Railway Encroachment: हल्द्वानी में रेलवे की 78 एकड़ भूमि पर अवैध कब्जा हटाने की अर्जी पर सुप्रीम कोर्ट में गुरुवार को सुनवाई हुई। सुप्रीम कोर्ट ने उत्तराखंड हाई कोर्ट के फैसले पर रोक लगाते हुए 4000 से ज्यादा परिवारों को राहत दी। साथ ही शीर्ष अदालत ने उत्तराखंड सरकार एवं रेलवे को नोटिस जारी किया है। सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने अहम टिप्पणी करते हुए कहा कि 50 हजार लोगों को रातोंरात बेघर नहीं किया जा सकता।
सुप्रीम कोर्ट ने अतिक्रमण पर उत्तराखंड हाई कोर्ट के फैसले पर रोक लगा दी है।
रेलवे और उत्तराखंड सरकार को नोटिस जारी करते हुए शीर्ष अदालत ने मामले की अगली सुनवाई सात फरवरी के लिए तय की। अदालत का फैसला आने के बाद उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि 'हम पहले कह चुके हैं कि यह रेलवे की जमीन है। हम कोर्ट के आदेश के अनुसार आगे बढ़ेंगे।'
Haldwani demolition case | We've said earlier also it is a railway land. We will proceed as per the court's order:… t.co/4Fa8r3LnrQ
— ANI (@ANI) Jan 5, 2023
हाई कोर्ट ने कहा- रेलवे भूमि पर बने अपने आशियाने खाली करने होंगे
बता दें कि रेलवे भूमि से अतिक्रमण हटाने पर नैनीताल हाई कोर्ट अपना फैसला पहले ही सुना चुका है। हाई कोर्ट ने गत दिसंबर में अपने फैसले में कहा कि 4365 परिवारों को रेलवे भूमि पर बने अपने आशियाने को खाली करने होंगे। कोर्ट ने रेलवे से कहा कि वह लोगों को एक हफ्ते का नोटिस देकर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई कर सकता है। हाई कोर्ट के इस फैसले से वनभूलपुरा के लोग डरे हुए हैं। उन्हें बेघर होने का डर सता रहा है।
हल्द्वानी के लोग सड़कों पर बैठे हुए हैं
हल्द्वानी के लोगों को बेघर होने का डर सताने लगा है। काफी सालों से वनभूलपुरा के लोग यहां निवास कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि उनके जहां घर हैं वहीं उनके छोटे मोटे कारोबार हैं। कोर्ट के आदेश पर अगर कार्रवाई हुई तो उनके घर के साथ उनकी दुकानें भी ध्वस्त हो जाएंगी। ऐसे में बेघर होने के साथ ही वो पूरी तरह से बेरोजगार हो जाएंगे। पिछले काफी दिनों से हल्द्वानी के लोग सड़कों पर बैठे हुए हैं।
