'सूरज और चंद्रमा को छोड़कर सियासी दलों ने हर चीज देने का कर दिया वादा'...SC मुफ्त उपहारों पर सुनवाई के लिए तैयार

याचिका में अदालत से यह घोषित करने का आग्रह किया गया है कि चुनाव से पहले सार्वजनिक धन से अतार्किक मुफ्त उपहार देने का वादा मतदाताओं को अनुचित रूप से प्रभावित करता है, निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया में बाधा डालता है और मतदान प्रक्रिया की पवित्रता को दूषित करता है।

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को एक जनहित याचिका पर मार्च में सुनवाई करने की सहमति दी, जिसमें चुनाव से पहले मुफ्त उपहार देने या बांटने वाली राजनीतिक पार्टी का चुनाव चिन्ह जब्त करने या उसे पंजीकृत न करने का निर्देश देने की मांग की गई है। याचिकाकर्ता अश्विनी उपाध्याय ने मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची की पीठ को बताया कि उनकी जनहित याचिका पर केंद्र और चुनाव आयोग को 2022 में ही नोटिस जारी किए गए थे, और उन्होंने मामले को जल्द से जल्द सूचीबद्ध करने का आग्रह किया।

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SC चुनावी उपहारों पर सुनवाई के लिए तैयार

सूर्य और चंद्रमा को छोड़कर...

वकील ने कहा, सूर्य और चंद्रमा को छोड़कर, राजनीतिक दल चुनाव के दौरान मतदाताओं से हर चीज का वादा करते हैं और यह भ्रष्टाचार का ग्रसित तरीका है।

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