RTI एक्ट के तहत चुनावी बॉन्ड के विवरण का खुलासा करने से SBI का इनकार, कहा- ये निजी जानकारी

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Apr 12, 2024, 10:37 AM IST

Electoral Bonds: शीर्ष अदालत ने समय सीमा बढ़ाने की मांग करने वाली एसबीआई की याचिका 11 मार्च को खारिज कर दी और बैंक को 12 मार्च के व्यावसायिक घंटों के अंत तक आयोग के समक्ष बॉन्ड के विवरण का खुलासा करने का आदेश दिया था।

SBI Refuses To Disclose Electoral Bonds Details: भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने सूचना का अधिकार (RTI) अधिनियम के तहत निर्वाचन आयोग (EC) को दिए गए चुनावी बॉन्ड के विवरण का खुलासा करने से इनकार कर दिया, भले ही रिकॉर्ड आयोग की वेबसाइट पर सार्वजनिक हो चुका है। बैंक ने दावा किया है कि यह वायदे के अनुरूप संभालकर रखी गई व्यक्तिगत जानकारी है। सुप्रीम कोर्ट ने चुनावी बॉन्ड योजना को असंवैधानिक और स्पष्ट रूप से मनमानी करार देते हुए 15 फरवरी को एसबीआई को निर्देश दिया था कि वह 12 अप्रैल, 2019 से खरीदे गए बॉण्ड का पूरा विवरण निर्वाचन आयोग को सौंपे। अदालत ने आयोग को संबंधित विवरण 13 मार्च तक अपनी वेबसाइट पर प्रकाशित करने का भी निर्देश दिया था।

Electoral Bonds and SBI

SBI का चुनावी बॉन्ड पर विवरण देने से इनकार

सुप्रीम कोर्ट का कड़ा रुख

शीर्ष अदालत ने समय सीमा बढ़ाने की मांग करने वाली एसबीआई की याचिका 11 मार्च को खारिज कर दी और बैंक को 12 मार्च के व्यावसायिक घंटों के अंत तक आयोग के समक्ष बॉन्ड के विवरण का खुलासा करने का आदेश दिया था। आरटीआई कार्यकर्ता कमोडोर (सेवानिवृत्त) लोकेश बत्रा ने 13 मार्च को एसबीआई से संपर्क कर डिजिटल फॉर्म में चुनावी बॉन्ड का वैसा ही पूरा डेटा मांगा, जैसा अदालत के आदेश के बाद निर्वाचन आयोग को प्रदान किया गया था।

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