Satya Niketan Building Collapse: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने रविवार को सत्य निकेतन हादसे को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा और सवाल किया कि सत्य निकेतन हादसे की जांच कहां तक पहुंची?
रायबरेली सांसद राहुल गांधी (फोटो साभार: @INCIndia)
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट में मध्य प्रदेश के एक छात्र के परिवार के साथ शनिवार को इंदौर में 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम के दौरान हुई बातचीत की तस्वीरें शेयर कीं। उस छात्र की छह सितंबर को दिल्ली में सत्य निकेतन में इमारत ढहने से मौत हो गई थी। इस घटना में कुल सात लोगों की मौत हुई थी।
राहुल गांधी ने सिस्टम से पूछे कई सवाल
राहुल गांधी ने 'एक्स' पर कहा, ''उस मासूम की क्या गलती थी? सत्य निकेतन की त्रासदी में अपने बेटे अर्पित जाज को खोने वाला परिवार डबडबाई आंखों से यही सवाल पूछ रहा है। अगर अच्छे और सुरक्षित हॉस्टल होते, तो उन्हें अपने बच्चे को ऐसी खतरनाक जगह में रखने के लिए मजबूर न होना पड़ता। और अगर सुरक्षा मानकों का सच में पालन होता, तो शायद यह त्रासदी होती ही नहीं- एक ऐसी त्रासदी, जिसकी कल्पना उन बच्चों और उनके माता-पिता ने सपने में भी नहीं की होगी।''
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'भ्रष्टाचार ने कई परिवारों को उजाड़ा'
उन्होंने कहा कि सिस्टम की गैर-जिम्मेदारी और भ्रष्टाचार ने सपनों से भरी कई जिंदगियां छीन लीं और उम्मीदों से भरे कई परिवारों को उजाड़ दिया। अर्पित का परिवार भी पूरे देश की तरह जवाबदेही मांग रहा है। वे चाहते हैं कि छात्रों की जिंदगी की जिम्मेदारी तय हो, ताकि फिर किसी माता-पिता को अपने बच्चे को इस तरह खोने का दर्द न सहना पड़े।
इस दौरान, राहुल गांधी ने सिस्टम से कई सवाल पूछे। उन्होंने कहा कि नए और सुरक्षित हॉस्टल क्यों नहीं बनाए जा रहे? छात्रों को असुरक्षित पीजी में रहने के लिए मजबूर क्यों होना पड़ रहा है? सत्य निकेतन हादसे की जांच कहां तक पहुंची?
