शिक्षा व्यवस्था में सुधार और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर राजधानी दिल्ली में छात्रों का विरोध प्रदर्शन जारी है। प्रदर्शन के दौरान हंगामा भी हुआ है। छात्रों के संसद मार्च के दौरान पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने के पास प्रदर्शनकारियों पर पुलिस वालों ने लाठी चार्ज किया है, उनपर आंसूगैस के गोले दागे जा रहे हैं, लेकिन छात्र अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं। इस बीच, कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने केंद्र सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि सरकार छात्रों की मांगों पर चर्चा करने के बजाय उनके खिलाफ बल प्रयोग कर रही है।
प्रियंका गांधी।
क्या बोलीं प्रियंका गांधी
छात्रों के संसद चलो मार्च के दौरान पुलिस के लाठीचार्ज का विरोध करते हुए कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने मोदी सरकार को घेरा है। उन्होंने कहा कि हम सब चर्चा की मांग कर रहे हैं। शिक्षा नीति में कई समस्याएं और बड़े मुद्दे हैं। फिर भी, आप इस पर चर्चा करने को तैयार नहीं हैं; इसके बजाय, आप छात्रों पर आंसू गैस का इस्तेमाल कर रहे हैं और उनकी पिटाई कर रहे हैं। किसलिए? वे हमारे बच्चे हैं।
छात्रों का कहना है कि वे शिक्षा व्यवस्था में सुधार और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आवाज उठा रहे हैं। वहीं, इस पूरे घटनाक्रम के बाद शिक्षा नीति और छात्रों के विरोध प्रदर्शन को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है।
राहुल ने भी उठाए सवाल
वहीं दूसरी ओर, पेपर लीक और अन्य परीक्षा संबंधी विवादों को लेकर जारी आंदोलन के बीच लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने केंद्र सरकार और पीएम मोदी पर निशाना साधा है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी "भारत के इतिहास के सबसे ज्यादा युवा-विरोधी प्रधानमंत्री" करार दिया। साथ ही कहा कि कथित रूप से लगातार सामने आए परीक्षा विवादों के बावजूद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफा तक नहीं लिया गया।
पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए राहुल गांधी ने कहा कि देश में 152 पेपर लीक की घटनाओं से 7.5 करोड़ छात्र प्रभावित हुए, लेकिन किसी भी दोषी को सजा नहीं मिली। उन्होंने आरोप लगाया कि इन पेपर लीक का सबसे बड़ा नुकसान मेहनत करने वाले छात्रों को उठाना पड़ा।
