Samrat chaudhary : सम्राट चौधरी बिहार के अगले मुख्यमंत्री होंगे। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पटना में उनके नाम की घोषणा की। इससे पहले सम्राट को भाजपा विधानयक दल का नेता चुना गया। सम्राट के नाम का प्रस्ताव विजय सिन्हा ने पेश किया जिसे स्वीकार कर लिया गया। इससे पहले नीतीश कुमार ने राजभवन जाकर मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दिया। विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद सम्राट चौधरी (Samrat chaudhary )ने सभी लोगों का आभार जताया। चौधरी ने कहा कि वह समर्पण एवं ईमानदारी के साथ काम करेंगे। चौधरी ने कहा कि वह पीएम के विचारों से प्रभावित हुए और प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन से बिहार में विकास हुआ।
बिहार के नए सीएम होंगे सम्राट चौधरी।
विजय सिन्हा ने रखा नाम का प्रस्ताव
भाजपा के वरिष्ठ नेता विजय सिन्हा ने कहा कि 'मैं पार्टी के विधानमंडल के नेता के रूप में सम्राट चौधरी के नाम का प्रस्ताव रखता हूं।' इसके बाद रेणु देवी, मंगल पांडेय, दिलीप जायसवाल समेत विधायकों ने उनके नाम पर स्वीकृति प्रदान की। इसके बाद सम्राट चौधरी को सर्वसम्मति से विधायक दल का नेता चुन लिया गया। वीर चंद्र पटेल मार्ग स्थित भाजपा कार्यालय में पार्टी के विधायक दल की बैठक में सभी वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में सम्राट चौधरी को विधायक दल का नेता चुन लिया गया। अब सम्राट कुछ देर में लोकभवन जाकर नई सरकार बनाने का दावा पेश करेंगे।
नीतीश कुमार ने इस्तीफा दिया
इससे पहले सीएम नीतीश कुमार ने अपना इस्तीफा राज्यपाल सैयद अता हसनैन को सौंप दिया। उनके साथ डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी और विजय चौधरी भी थे। राज्यपाल ने उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया। करीब छह मिनट तक बातचीत के नीतीश कुमार लोकभवन से बाहर निकले। नीतीश कुमार हाथ जोड़कर लोगों का अभिवादन किया।
1990 में किया राजनीति में प्रवेश
सम्राट चौधरी राज्य के सबसे चर्चित नेताओं में से एक हैं और हालिया वर्षों में बीजेपी में तेजी से उनका उभार हुआ है। सम्राट चौधरी का जन्म 16 नवंबर, 1968 को मुंगेर के लखनपुर गांव में हुआ था। उनके पिता शकुनि चौधरी छह बार विधायक और सांसद रहे, जबकि उनकी मां पार्वती देवी तारापुर निर्वाचन क्षेत्र से विधायक थीं। सम्राट चौधरी ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा स्थानीय स्तर पर ही पूरी की और बाद में मदुरै कामराज विश्वविद्यालय से उच्च शिक्षा प्राप्त की। सम्राट चौधरी ने 1990 में सक्रिय राजनीति में प्रवेश किया। मई 1999 में राबड़ी देवी की सरकार के दौरान वे बिहार के कृषि मंत्री बने। वे 2000 और 2010 में परबत्ता विधानसभा क्षेत्र से विधायक चुने गए। 2010 में वे बिहार विधानसभा में विपक्ष के मुख्य सचेतक बने।
