आम तौर पर जो लोग सद्चरित्र होते हैं उन्हें राम की संज्ञा दी जाती है। शायद यही भाव सलमान खुर्शीद के मन में रहा होगा जब उन्होंने राहुल गांधी की तुलना राम से की। लेकिन सियासी पिच पर जब बीजेपी ने बैटिंग शुरू की तो उनके सुर बदले और कहा कि राहुल गांधी राम तो नहीं लेकिन बीजेपी रावण के रास्ते पर जरूर है। उन्होंने आगे कहा कि राहुल गांधी राम के रास्ते पर जरूर चल रहे हैं। वे यानी बीजेपी के लोग कहते हैं कि आप उस रास्ते पर नहीं चल सकते। हमें आपत्ति इसलिए है कि बीजेपी के लोग रावण के रास्ते पर चल रहे हैं।
सलमान खुर्शीद, कांग्रेस के कद्दावर नेता
क्यों मचा सियासी बवेला
अब सवाल यह है कि राम, रावण, राहुल गांधी, कांग्रेस और बीजेपी की कहानी के पीछे की वजह क्या है। दरअसल हाड़ कंपाती ठंड में राहुल गांधी दिल्ली की सड़कों पर भारत जोड़ो यात्रा के दौरान नजर आए। टी शर्ट में ही उन्होंने भाषण दिया। टी-शर्ट में ही वो अटल बिहारी वाजपेयी की समाधि पर जाकर श्रद्धांजलि दी और उसके बाद बयानों का दौर शुरू हो गया। बीजेपी ने कहा कि यह सब नौटंकी है। सलमान खुर्शीद ने कहा कि राहुल गांधी अलौकिक हैं। जब हम ठंड में ठिठुर रहे हैं और जैकेट पहन रहे हैं। तो वह टी-शर्ट (अपनी भारत जोड़ो यात्रा के लिए) में बाहर जा रहे हैं। वह एक योगी की तरह हैं जो फोकस के साथ अपनी 'तपस्या' कर रहे हैं। सलमान खुर्शीद ने भारत जोड़ो यात्रा और राम यात्रा की तुलना करते हुए कहा, 'भगवान राम की खड़ाऊ बहुत दूर तक जाती है। उत्तर प्रदेश में खड़ाऊ ले गए हैं। अब वह खड़ाऊ उत्तर प्रदेश पहुंच गया है। राम जी (राहुल गांधी) भी आएंगे।" उनका मतलब था कांग्रेस कार्यकर्ता 'भारत' की तरह हैं।
भारत जोड़ो यात्रा पर राहुल गांधी
बीजेपी नेताओं ने कहा कि जिन्होंने गांधी परिवार को खुश करने के लिए कांग्रेस नेताओं की चाटुकारिता की आलोचना की। बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता गौरव भाटिया ने कहा, 'कांग्रेस इस भ्रष्ट व्यक्ति की भगवान राम से तुलना करके राहुल गांधी को खुश करने के लिए किसी भी हद तक जा सकती है। यह वही कांग्रेस है जो भगवान राम को एक काल्पनिक व्यक्ति कहती थी। जिस व्यक्ति की वे भगवान राम से तुलना करते हैं, वह कहता है कि पुरुष मंदिरों में महिलाओं को छेड़ने और छेड़छाड़ करने जाते हैं।खुर्शीद ने अपनी टिप्पणी का बचाव किया और कहा कि उन्होंने कभी यह दावा नहीं किया कि राहुल गांधी राम की तरह हैं। सलमान खुर्शीद ने कहा, "ईश्वर की जगह कोई नहीं ले सकता लेकिन हर कोई उनके दिखाए रास्ते पर चलने की कोशिश कर सकता है। अगर मैं कहता हूं कि कोई उस रास्ते पर चल रहा है तो किसी को आपत्ति क्यों होनी चाहिए।"
