एस अब्दुल नजीर बने आंध्र प्रदेश के गवर्नर, रामजन्मभूमि और नोटबंदी के फैसले से खास नाता

  • Authored by: ललित राय
  • Updated Feb 12, 2023, 11:10 AM IST

सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जस्टिस एस अब्दुल नजीर को आंध्र प्रदेश का गवर्नर बनाया गआ है। वो कर्नाटक के रहने वाले हैं। न्यायिक सेवा के दौरान अयोध्या राम जन्मभूमि और नोटबंदी के पक्ष में अहम फैसला सुनाया था।

सुप्रीम कोर्ट में जज रहे जस्टिस एस अब्दुल नजीर को आंध्र प्रदेश का राज्यपाल नियुक्त किया गया है। 5 जनवरी 2019 को सुप्रीम कोर्ट से रिटायर हुए और अपने विदाई समारोह में बड़ी बात कही। उन्होंने कहा कि अगर अयोध्या पर उनकी राय अलग रही होती तो अपने समाज में हीरो बन गए होते। लेकिन उन्होंने अपने समाज की जगह देश और संविधान को तवज्जो दी। उन्होंने कहा था कि देश के लिए सब कुछ न्योछावर है। बता दें कि 9 नंवबर 2019 को अयोध्या पर ऐतिहासिक फैसला देने वाली पीठ का वो हिस्सा थे। इसके साथ ही नोटबंदी के मुद्दे पर नरेंद्र मोदी सरकार सियासी लड़ाई के साथ साथ कानूनी लड़ाई का भी सामना कर रही थी। सुप्रीम कोर्ट को फैसला करना था कि नोटबंदी विधिसम्मत है या नहीं। फैसला सुनाने वाली पीठ में जस्टिस नजीर थे और उन्होंने कहा कि सभी साक्ष्यों से साफ है कि आरबीआई की सहमति के बाद ही नोटबंदी का फैसला लागू किया गया और वो देशहित में था।

s abdul nazir

सुप्रीम कोर्ट में जज रहे हैं जस्टिस एस अब्दुल नजीर

कहां के रहने वाले हैं एस अब्दुल नजीर

कर्नाटक में दक्षिण कन्नड़ जिला के एक गांव में इनका जन्म हुआ था। स्कूल में पढ़ाई करने के दौरान इनके पिता का निधन हो गया था और पूरे परिवार की जिम्मेदारी इनके कंधे पर आ गई। लेकिन पढ़ाई को नहीं छोड़ा। ग्रेजुएशन करने के बाद लॉ कॉलेज में एडमिशन लिया। यहां उनके जीवन में दिलचस्प घटना ने दस्तक दी। उनके एक अध्यापक ने कहा कि अगर कोई शख्स कानून के पेशे में फिट नहीं बैठता है तो किसी भी पेशे में फिट नहीं हो सकता। इस लाइन का नजीर की जिंदगी पर गहरा असर पड़ा औकर उन्होंने ठान ली कि इस फील्ड में कुछ बेहतर कर जाना है। कर्नाटक की अदालत में प्रैक्टिस करते थे और देश के सर्वोच्च न्यायालय का हिस्सा बन गए।

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