RSS पंजीकरण विवाद पर गरमाई राजनीति; मोहन भागवत ने दिया जवाब, कहा- संघ कुछ भी नहीं छिपाता, हम खुलेआम काम करते हैं

केरल के त्रिशूर में आयोजित आरएसएस के शताब्दी संपर्क कार्यक्रम के दौरान संघ प्रमुख मोहन भागवत ने संगठन के पंजीकरण को लेकर उठ रहे सवालों पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि आरएसएस एक खुला संगठन है और उसके पास छिपाने के लिए कुछ भी नहीं है। भागवत ने पंजीकरण की मांग को राजनीतिक प्रेरित बताते हुए इसे संगठन के कार्यों में बाधा डालने की कोशिश करार दिया।

Mohan Bhagwat: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत ने संघ के पंजीकरण की मांग को खारिज करते हुए कहा कि संगठन के पास न तो कुछ छिपाने के लिए है और न ही वह जनता की नजरों से बचकर काम करता है। मोहन भागवत रविवार को केरल के त्रिशूर में आरएसएस के शताब्दी संपर्क कार्यक्रम के तहत एक सभा को संबोधित करने के बाद सवालों का जवाब दे रहे थे। यह पूछे जाने पर कि कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियंक खरगे ने आरएसएस से अपना पंजीकरण कराने की मांग की है, भागवत ने कहा कि संगठन के पास छिपाने के लिए कुछ भी नहीं है और वह खुले तौर पर अपनी गतिविधियां संचालित करता है।

​Mohan Bhagwat

मोहन भागवत (फाइल फोटो)

"हम कोई बात छिपाते नहीं हैं"

संघ प्रमुख ने कहा, "बहुत-सी अपंजीकृत चीजें संचालित हो रही हैं और हम कोई बात छिपाते नहीं हैं। हम खुलेआम काम करते हैं। हम लोगों को बुलाते हैं और उन्हें बताते हैं कि हम क्या करते हैं।" उन्होंने आरएसएस के पंजीकरण की मांग को "राजनीति" करार देते हुए कहा कि संगठन के लिए ऐसी कोशिशें कोई नयी बात नहीं हैं। भागवत ने कहा, "यह राजनीति है। इस तरह के हथकंडे अपनाए जा रहे हैं। हमें इसकी आदत हो गई है। संघ के अस्तित्व में आने के 10-15 साल बाद ही हमें इन सब चीजों का सामना करना पड़ा था। अगर ऐसा न हो, तो हमें लगता है कि कुछ गड़बड़ है।" उन्होंने कहा कि ब्रिटिश शासन के दौरान स्थापित यह संगठन सार्वजनिक बहस और आम सहमति की प्रक्रिया से उभरकर सामने आया।

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