UP Vidhan Sabha Chunav 2027: आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों को धार देने के लिए राजधानी लखनऊ के एक रिसॉर्ट में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) की अहम समन्वय बैठक (RSS BJP Coordination Meeting) आयोजित की गई। तीन अलग-अलग चरणों में चली इस उच्चस्तरीय बैठक में संगठन की चुनौतियों, जमीनी फीडबैक और चुनावी रणनीति पर गहराई से मंथन हुआ। बैठक के अंत में शीर्ष नेतृत्व ने पदाधिकारियों को स्पष्ट शब्दों में संदेश दिया कि वे विपक्षी दलों के भ्रमजाल और नैरेटिव में फंसने के बजाय अपने तय किए लक्ष्यों पर ध्यान केंद्रित करें।
यूपी विधानसभा चुनाव के लिए RSS-BJP का मास्टर प्लान (फोटो: Instagram/abhina_prakash)
बैठक के दौरान भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री संगठन बीएल संतोष, प्रदेश प्रभारी विनोद तावड़े और संघ के सह सरकार्यवाह अरुण कुमार ने जमीनी पदाधिकारियों से सीधा फीडबैक लिया। पदाधिकारियों ने कई जमीनी समस्याओं को खुलकर सामने रखा। उन्होंने बताया कि युवाओं के बीच यूजीसी, पेपर लीक और रोजगार से जुड़े मुद्दे काफी संवेदनशील बने हुए हैं, जिन पर विपक्ष आक्रामक रुख अपनाए हुए है। इसके अलावा, निचले स्तर पर प्रशासनिक भ्रष्टाचार, कार्यकर्ताओं की सुनवाई न होना और जातिगत राजनीति के चलते युवाओं में भ्रम फैलने जैसी चुनौतियां भी रेखांकित की गईं।
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बीएल संतोष और अरुण कुमार क्या बोले?
तमाम मुद्दों को सुनने के बाद नेतृत्व ने पदाधिकारियों का मार्गदर्शन किया। बीएल संतोष और अरुण कुमार ने कहा कि चुनाव से पहले विपक्ष भ्रम फैलाने की पूरी कोशिश करेगा क्योंकि उसके पास कोई ठोस मुद्दा नहीं है। चिंता की बात यह है कि कभी-कभी पार्टी के अपने लोग ही विपक्ष के बनाए माहौल में उलझ जाते हैं। नेताओं ने स्पष्ट किया कि यूजीसी और पेपर लीक जैसी घटनाओं पर सरकार ने तुरंत सख्त कानून बनाकर ठोस कदम उठाए हैं, और यही सच कार्यकर्ताओं को जनता और युवाओं के बीच जाकर मजबूती से रखना होगा।
केंद्र और राज्य सरकार की विकास योजनाओं को घर-घर पहुंचाने का निर्देश
बैठक में रणनीति तय की गई कि भाजपा और संघ को अपनी चुनावी पिच पर रहकर ही विपक्ष को मात देनी होगी। इसके लिए केंद्र और राज्य सरकार की विकास योजनाओं तथा जनहित के कार्यों को घर-घर तक पहुंचाया जाएगा। वर्तमान में चल रहे 'सेवा संकल्प अभियान' के जरिए ज्यादा से ज्यादा आम नागरिकों से जुड़ने का लक्ष्य रखा गया है। अंत में, बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया। यह निर्णय लिया गया कि संघ, भाजपा और इसके अनुसंगिक संगठन पूरी एकजुटता के साथ काम करेंगे। कार्यकर्ताओं को कानून-व्यवस्था और विकास के मुद्दों को प्रमुखता से उठाते हुए समाज के हर वर्ग तक पहुंचने का निर्देश दिया गया ताकि किसी भी तरह के भ्रम को दूर किया जा सके।
