Rinku Singh's Father Khachandra Singh Passes Away: टीम इंडिया के बल्लेबाज रिंकू सिंह के पिता, खानचंद्र सिंह का निधन हो गया है। उनके पिता लिवर कैंसर से जूझ रहे थे। उन्हें कई दिनों से यथार्थ अस्पताल में भर्ती कराया गया था और वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया था। शुक्रवार सुबह पांच बजे उन्होंने ग्रेटर नोएडा के यथार्थ अस्पताल में अंतिम सांस ली।
क्रिकेटर रिंकू सिंह के पिता का हुआ निधन।
हाल ही में जिम्बाब्वे के खिलाफ मैच से पहले रिंकू सिंह अपने पिता के वेंटिलेटर पर शिफ्ट होने की खबर मिलने पर घर लौट गए थे। हालांकि, उन्होंने जिम्बाब्वे के खिलाफ मैच नहीं खेला, फिर भी वह जल्द ही भारतीय टीम में वापस शामिल हो गए थे। खानचंद्र सिंह उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में एलपीजी सिलेंडर डिलीवरी का काम करते थे। खचंद्र सिंह कई दिनों से मैकेनिकल वेंटीलेटर सपोर्ट पर थे और उन्हें निरंतर रीनल रिप्लेसमेंट थेरेपी दी जा रही थी।
कड़ी परिश्रम कर बेटा को बनाया क्रिकेटर
रिंकू सिंह के पिता, खानचंद्र सिंह, एलपीजी सिलेंडर डिलीवरी का काम करते थे और आर्थिक कठिनाइयों के बावजूद रिंकू के सपनों को साकार करने में उनका पूरा समर्थन करते थे। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर बनने की दिशा में रिंकू के सफर में उनकी इस लगन ने अहम भूमिका निभाई। रिंकू की प्रतिभा पर खानचंद्र के अटूट विश्वास ने उन्हें क्रिकेट को गंभीरता से आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित किया, जिसके फलस्वरूप रिंकू को इस खेल में सफलता मिली।
पिता के कामकाज में हाथ बंटाते थे रिंकू
सफलता हासिल करने से पहले, रिंकू को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा, जिनमें आर्थिक तंगी और क्रिकेट प्रशिक्षण के लिए छोटे-मोटे काम करना शामिल था। अपने सपनों को पूरा करने के दौरान उन्होंने एक स्थानीय कोचिंग सेंटर में सफाईकर्मी के रूप में भी काम किया। अलीगढ़ के एक साधारण परिवार से आईपीएल स्टार बनने तक का उनका सफर दृढ़ता और लगन का बेहतरीन उदाहरण है। बता दें रिंकू ने भी पिता के कामकाज में काफी हाथ बंटाया था।
टी20 विश्व कप में रिंकू सिंह का प्रदर्शन कैसा रहा?
भले ही टी20 विश्व कप 2026 में बल्लेबाज के तौर पर रिंकू का प्रदर्शन साधारण रहा है, लेकिन बतौर फिल्डर वो मैदान में काफी मुस्तैद रहे हैं। उन्होंने पांच पारियों में अब तक मात्र 24 रन बनाए है। उनका उच्चतम स्कोर 11 नाबाद था।
