देश पूरे उत्साह,गर्व और राष्ट्रभक्ति के माहौल में आज 77वां गणतंत्र दिवस मना रहा है। दिल्ली के कर्तव्य पथ पर हो रहे भव्य परेड इसकी सबसे बड़ी झलक है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने इस ऐतिहासिक समारोह का नेतृत्व किया। यह परेड बेहद खास और ऐतिहासिक रहा। इस परेड में कई नई चीजें दुनिया ने देखी, जो भारत की सैन्य ताकत को बयां करती है।
गणतंत्र दिवस पर परेड में कई रेजिमेंट और जानवरों की विशेष इकाई ने पहली बार लिया हिस्सा।
इस बार सूर्यशास्त्र सिस्टम, भैरव बटालियन, बैक्ट्रियन ऊंट, जांस्कर पोनी, शक्तिबान रेजिमेंट, ब्रह्मोस, आकाश, राफेल फाइटर जेट ने गणतंत्र दिवस परेड को स्मरणीय बना दिया।
सूर्यशास्त्र सिस्टम
इस बार गणतंत्र दिवस परेड में सूर्यशास्त्र सिस्टम का प्रदर्शन किया गया। यह एक स्वदेशी रूप से विकसित मिसाइल सिस्टम है, जो लंबी दूरी तक मार करने में सक्षम है।
गणतंत्र दिवस परेड में सूर्यशास्त्र सिस्टम का प्रदर्शन किया गया।
भैरव बटालियन
भैरव बटालियन भारतीय सेना की एक विशेष इकाई है, जो पर्वतीय क्षेत्रों में युद्ध लड़ने के लिए प्रशिक्षित है। इस बटालियन ने भी गणतंत्र दिवस परेड में भाग लिया।
भैरव बटालियन ने परेड में लिया हिस्सा।
बैक्ट्रियन ऊंट
बैक्ट्रियन ऊंट मध्य एशिया में पाए जाते हैं और अपनी सहनशीलता के लिए जाने जाते हैं। इस बार गणतंत्र दिवस परेड में बैक्ट्रियन ऊंटों को भी शामिल किया गया।
परेड में बैक्ट्रियन ऊंट ने हिस्सा लिया।
जांस्कर पोनी
जांस्कर पोनी एक छोटी कद की घोड़ा नस्ल है, जो लद्दाख क्षेत्र में पाई जाती है। यह अपनी मजबूत कद-काठी और ठंडे मौसम में रहने की क्षमता के लिए जानी जाती है। इस बार गणतंत्र दिवस परेड में जांस्कर पोनी ने भी हिस्सा लिया।
शक्तिबान रेजिमेंट
शक्तिबान रेजिमेंट भारतीय सेना की एक तोपखाना रेजिमेंट है। इस बार इस रेजिमेंट ने भी गणतंत्र दिवस परेड में भाग लिया।
ब्रह्मोस, आकाश, राफेल
इस बार गणतंत्र दिवस परेड में ब्रह्मोस मिसाइल, आकाश मिसाइल और राफेल लड़ाकू विमानों का भी प्रदर्शन किया गया। परेड में डीआरडीओ एक लंबी दूरी की एंटी-शिप मिसाइल (LR-ASHM) विकसित कर रहा है, जिसका प्रतिनिधित्व उत्कृष्ट वैज्ञानिक और परियोजना निदेशक ए प्रसाद गौड कर रहे हैं। यह हथियार प्रणाली भारतीय नौसेना की तटीय बैटरी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए डिज़ाइन की गई है।वहीं, आकाश हथियार प्रणाली और अभ्रा मध्यम दूरी की सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल प्रणाली (MRSAM) का प्रदर्शन किया गया। इसके अलावा, ऑपरेशन सिंदूर के दौरान मिली जीत की याद में ड्रोन शक्ति और एकीकृत संचालन केंद्र को गणतंत्र दिवस परेड के दौरान कर्तव्य पथ पर प्रदर्शित किया गया।
