Republic Day History in Hindi: देश इस साल अपनी आजादी का 75वां गणतंत्र दिवस मना रहा है। इस राष्ट्रीय पर्व को धूमधाम से मनाने के लिए सारी तैयारियां कर ली गई हैं। शुक्रवार को कर्तव्य पथ पर भव्य परेड का आयोजन होगा, जिसमें भारतीय सेना के तीनों अंग कदमताल करते दिखाई देंगे। इतना ही नहीं आसमान में भी दुनिया भारतीय वायु सेना की ताकत देख उसका लोहा मानेगी। गणतंत्र दिवस के मौके पर हर साल एक मुख्य अतिथि को आमंत्रित किया जाता है। इस बार फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों मुख्य अतिथि हैं। उनके साथ फ्रांसीसी सेना की एक टुकड़ी भी परेड में प्रतिभाग करेगी।
गणतंत्र दिवस
गणतंत्र दिवस के इस मौके पर सिर्फ दिल्ली ही नहीं, देश के हर कोने-कोने में कई आयोजन होते हैं। यह एक राष्ट्रीय पर्व है। हालांकि, बहुत से लोगों को सवाल रहता है कि 15 अगस्त को देश को आजादी मिल गई थी, तो 25 जनवरी को गणतंत्र दिवस क्यों मनाया जाता है? आइए इस सवाल का जवाब आगे जानते हैं...
लागू हुआ था भारत का संविधान
भारत के स्वतंत्रता आंदोलन में जिस तरह 15 अगस्त, 1947 की तारीख महत्वपूर्ण है, उसी तरह 26 जनवरी, 1950 भी। दरअसल, इसी दिन भारत सरकार अधिनियम (1935) को हटाकर भारत का संविधान लागू किया गया था। यानी देश भले ही 15 अगस्त, 1947 को आजाद हो गया था, लेकिन 26 जनवरी 1950 को भारतीय संविधान को आत्मसात किया गया था। इसके बाद हमारा देश लोकतांत्रित, संप्रभु और गणतंत्र घोषित किया गया था। 26 जनवरी, 1950 को देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉक्टर राजेंद्र प्रसादने 21 तोपों की सलामी के साथ ही ध्वजारोहर कर भारत को पूर्ण गणतंत्र घोषित किया था।
2 साल 11 महीने और 18 दिन में तैयार हुआ था संविधान
बता दें, भारतीय संविधान दुनिया का सबसे बड़ा लिखित संविधान है। 1947 में मिली आजादी के साथ भारत को लोकतांत्रित देश बनाने के मकसद से संविधान लिखना शुरू किया गया था और 2 साल 11 महीने और 18 दिन में यह संविधान तैयार हुआ था। 26 नवंबर, 1949 में संविधान सभा ने इसे स्वीकर किया और इसके बाद अगले ही साल 26 जनवरी, 1950 को इसके लागू कर दिया गया था। यही कारण है कि हर साल 26 जनवरी को पूरा देश गणतंत्र दिवस मनाता है।
