असली-नकली शिवसेना की जंग! गद्दार कौन? दशहरा रैली में उद्धव ठाकरे और एकनाथ शिंदे गुट ने किए अपने-अपने दावे

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  • Updated Oct 6, 2022, 03:44 PM IST

Shiv Sena Dussehra Rally : स्थापना के 56 साल बाद शिवसेना ने दशहरा के मौके दो अलग-अलग रैलियां आयोजित कीं। शिवसेना के उद्धव ठाकरे गुट और एकनाथ शिंदे गुट ने खुद को असली शिवसेना होने के दावे किए और अपनी ताकत दिखाई।

Shiv Sena Dussehra Rally : शिवसेना की स्थापना के 56 साल बाद पहली बार मुंबई में दशहरा के मौके पर दो दशहरा रैलियां आयोजित की गई। शिवसेना दो धडों में बंट गई है। एक उद्धव ठाकरे का गुट है तो दूसरा एकनाथ शिंदे का गुट है। दोनों ने दशहरे के मौके पर खुद को असली शिवसेना बताने के लिए जमकर शक्ति परीक्षण किया। शिवाजी पार्क में उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) की रैली हुई जबकि एकनाथ शिंदे (Eknath Shinde) गुट की बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स (बीकेसी) में हुई। ठाकरे और एकनाथ शिंदे के क्रमश: शिवाजी पार्क और बीकेसी मैदान में अलग-अलग रैली को संबोधित किया। दोनों खेमों ने दावा किया कि वे दिवंगत बाल ठाकरे के आदर्शों को आगे बढ़ा रहे हैं। बाल ठाकरे शिवाजी पार्क में दशहरा रैलियों में उग्र भाषण देने के लिए पहचाने जाते थे। 2012 में उनके निधन के बाद से उनके बेटे उद्धव ठाकरे इस वार्षिक रैली को संबोधित करते आए हैं।

thakre shinde

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उनके गुट के नेता बीकेसी मैदान में शिवसेना दशहरा रैली में शामिल हुए। बालासाहेब ठाकरे के बेटे जयदेव ठाकरे महाराष्ट्र के सीएम एकनाथ शिंदे के साथ मंच शेयर किया और उनक समर्थन किया। शिवसेना के शिंदे गुट के नेता रामदास कदम ने कहा कि आपके भाई, चचेरे भाई भी आपके साथ नहीं हैं उद्धव जी, अगर आप अपने परिवार को भी बरकरार नहीं रख सकते हैं, तो आप राज्य को कैसे बरकरार रखेंगे?

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