Ram Temple Donation Row : राम मंदिर दान गबन मामले में पुलिस की टीम बुधवार को अनिल मिश्रा और गोपाल राव से पूछताछ करेगी। अब तक की जांच में सामने आया है कि ट्रस्ट में अनिल मिश्रा की पैरवी पर ही कई कर्मचारी रखे गए थे। टिन्नू यादव, चंपत राय का करीबी है जबकि सुभाष बैंक से रिटायर हो चुका है। बाकी बैंक की तरफ से रखे गए आउटसोर्स कर्मी हैं। इन कर्मियों में अनुकल्प और लवकेश दोनों अनिल मिश्रा के रिश्तेदार हैं।
तेज हुई राम मंदिर चंदा चारी मामले की जांच।
आरोपियों ने चढ़ावा चोरी की बात कबूल की
जेल में मंगलवार शाम 4 बजे पुलिस ने लवकुश, अनुकल्प, सुभाष श्रीवास्तव सहित सभी आरोपियों से पूछताछ की थी। सूत्रों का कहना है कि इस पूछताछ में आरोपियों ने चढ़ावा चोरी की बात कबूल की। उन्होंने बताया कि टिन्नू के पास काउंटिंग रूम की चाबी और एक चाबी बैंक कर्मियों के पास रहती थी। टिन्नू के साथ होने से आरोपी निश्चिंत रहते थे कि कोई सवाल जवाब नहीं होगा।
मंदिर में सबसे ज्यादा अनिल मिश्रा के सिफारिशी कर्मचारी
- करीब सवा सौ कर्मचारियों ने अनिल मिश्रा के जरिए राम मंदिर में हासिल की थी नौकरी
- चंपत राय और गोपाल राव के लोगों की भी सिफारिश से भर्ती हुई थी
- SIT अनिल मिश्रा पर लगे कमीशन के आरोपी को भी जांच कर रही है
- सूत्रों की माने तो जांच के दौरान अनिल मिश्रा की कई संपत्तियों के बारे में भी पता चला
- SIT यह भी जांच कर रही है कि ट्रस्टी बनने के बाद उनकी कितनी संपत्ति बढ़ी
- SIT अपनी विस्तृत रिपोर्ट में अनिल मिश्रा की कमीशन की जांच की रिपोर्ट भी देगी
- अनुकल्प मिश्रा और लव कुश मिश्रा की भूमिका भी इस खेल में काफी बड़ी
बाकी घेरकर चंदा चोर को निकाल देते थे
कैमरे कहां लगे हैं यह सबको पता था। कैमरे से बचने के लिए एक व्यक्ति पैसे रखता था और बाकी घेरकर खड़े होकर उसे निकाल देते थे। कैमरे की निगरानी व्यवस्था भी बहुत मजबूत नहीं थी। टिन्नू को इस बात का अंदाजा था। इसी का फायदा आरोपियों ने उठाया। सूत्रों के मुताबिक पूछताछ में ये सामने आया है कि गड़ना करने वाले सभी बैंक कर्मियों और टिन्नू को बराबरी का हिस्सा रहता था। पूछताछ में ये भी सामने आया है कि चढ़ावे की प्रक्रिया में अनिल मिश्रा भी प्रभावी भूमिका में थे।
400 निजी सुरक्षाकर्मी भी जांच के दायरे में
उत्तर प्रदेश के अयोध्या में राम मंदिर के चढ़ावे में कथित गबन को लेकर उठे विवाद के बीच मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े करीब 400 निजी सुरक्षाकर्मी भी जांच के दायरे में आ गए हैं। पुलिस उनकी भूमिका की पड़ताल कर रही है। सूत्रों के अनुसार, करीब 400 निजी सुरक्षाकर्मियों की तैनाती, कार्यप्रणाली और संदिग्ध गतिविधियों से संबंधित रिकॉर्ड की जांच की जा रही है। जांच से जुड़े सूत्रों ने बताया कि इन सुरक्षाकर्मियों की ड्यूटी मंदिर परिसर के मुख्य प्रवेश और निकास द्वारों, दर्शन पथ तथा चढ़ावे के आवागमन वाले मार्गों पर लगाई गई थी।
