अयोध्या राम मंदिर विवाद के बाद वाराणसी में उठी जांच की मांग, वकीलों ने काशी विश्वनाथ मंदिर प्रशासन के खिलाफ सौंपा ज्ञापन

अयोध्या राम मंदिर दान विवाद के बाद वाराणसी में भी मंदिर प्रशासन की पारदर्शिता को लेकर सवाल उठने लगे हैं। अधिवक्ताओं ने काशी विश्वनाथ मंदिर प्रशासन के खिलाफ जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर चढ़ावे, कर्मचारियों की आय, भ्रष्टाचार और कथित अनियमितताओं की जांच की मांग की। साथ ही CCTV निगरानी, VIP दर्शन व्यवस्था समाप्त करने, ट्रस्ट के पुनर्गठन और कर्मचारियों की संपत्ति की जांच जैसे कई अहम सुझाव भी दिए।

Ram Mandi Donation Row: अयोध्या राम मंदिर के दानपात्र से कथित चोरी के मामले के बाद अब वाराणसी में भी मंदिर प्रबंधन की पारदर्शिता को लेकर सवाल उठने लगे हैं। शुक्रवार को वाराणसी के अधिवक्ताओं ने काशी विश्वनाथ मंदिर प्रशासन के खिलाफ जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपते हुए मंदिर में चढ़ावे, कर्मचारियों की आय, भ्रष्टाचार और कथित अनियमितताओं की उच्चस्तरीय जांच की मांग की। इस दौरान बड़ी संख्या में वकील डीएम कार्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने प्रदर्शन और नारेबाजी भी की। अधिवक्ताओं का कहना है कि मंदिर प्रबंधन में पूरी पारदर्शिता सुनिश्चित की जानी चाहिए और श्रद्धालुओं के विश्वास को बनाए रखने के लिए जवाबदेही तय होनी चाहिए।

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काशी विश्वनाथ मंदिर प्रशासन के खिलाफ जांच की उठी मांग। ANI

CCTV, संपत्ति जांच और VIP दर्शन खत्म करने की मांग

ज्ञापन में अधिवक्ताओं ने कई अहम मांगें रखीं। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के 14 मार्च 1997 के आदेश की भावना के अनुरूप श्री काशी विश्वनाथ मंदिर बोर्ड ऑफ ट्रस्टी का गठन करने, मंदिर प्रबंधन से जुड़े सभी अधिकारियों, कर्मचारियों, निजी एजेंसियों और सुरक्षा कर्मियों का नाम, पता और आय सार्वजनिक करने तथा पिछले पांच वर्षों की उनकी आय और संपत्तियों की गहन जांच कराने की मांग की।

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