सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या 33 से बढ़कर होगी 37, मुकदमों का बोझ कम करने के लिए राज्यसभा में बिल पास

राज्यसभा ने बुधवार को सुप्रीम कोर्ट के जजों की संख्या 33 से बढ़ाकर 37 (मुख्य न्यायाधीश को छोड़कर) करने से जुड़े संशोधन विधेयक 2026 को मंजूरी दे दी। लोकसभा पहले ही 3 अगस्त को इसे पास कर चुकी है।

अदालतों में लंबित पड़े लाखों मामलों के जल्द निपटारे और न्याय प्रणाली को मजबूत करने की दिशा में केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। राज्यसभा ने बुधवार को ध्वनिमत से 'सुप्रीम कोर्ट (न्यायाधीशों की संख्या) संशोधन विधेयक 2026' को पारित कर दिया। इस बिल के पास होने के बाद अब शीर्ष अदालत में मुख्य न्यायाधीश (CJI) को छोड़कर जजों की स्वीकृत संख्या 33 से बढ़कर 37 हो जाएगी। यह विधेयक लोकसभा में 3 अगस्त को ही पास हो चुका था।

Supreme Court Judges Bill 2026

सुप्रीम कोर्ट में बढ़ेंगे जज (फाइल फोटो)

संसद के उच्च सदन में चर्चा का जवाब देते हुए कानून और न्याय राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने स्पष्ट किया कि सरकार न्यायपालिका की स्वतंत्रता को बनाए रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि हर साल सुप्रीम कोर्ट में केस दर्ज होने की दर काफी तेज हुई है। मुख्य न्यायाधीश ने मई में प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर जानकारी दी थी कि सालाना दर्ज होने वाले मुकदमों और उनके निपटारे के बीच लगभग 10,000 मामलों का अंतर आ रहा है, जिसे जजों की संख्या बढ़ाए बिना खत्म करना संभव नहीं था।

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