Monsoon Session: संसद के मानसून सत्र में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच लगातार तीखी नोंकझोक देखने को मिल रही है जिसकी वजह से सदन की कार्यवाही प्रभावित हो रही है। राज्यसभा में संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू और विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे के बीच बोलने के अधिकार और नियमों को लेकर तू-तू मैं-मैं जैसी स्थिति पैदा हो गई।
केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू (बाएं) और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे (दाएं)
राज्यसभा की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी दलों ने नारेबाजी शुरू कर दी। कांग्रेस सहित अन्य विपक्षी दलों के सांसदों ने विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे को बोलने की अनुमति देने की मांग की। ऐसे में सभापति ने विपक्षी सदस्यों से बार-बार अनुशासन बनाए रखने की अपील की और उन्हें आश्वासन दिया कि उनकी चिंताओं को उठाने का अवसर दिया जाएगा। हालांकि, सभापति ने बाद में मल्लिकार्जुन खरगे को अपनी बात रखने की इजाजत दे दी।
राज्यसभा में गर्माया माहौल
मल्लिकार्जुन खरगे ने इससे जुड़ा वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर साझा करते हुए कहा, ''यह मेरा अधिकार है कि क्या बोलना है, कब बोलना है और कैसे बोलना है!'' वीडियो में मल्लिकार्जुन खरगे को यह कहते हुए सुना जा सकता है, ''सर, अब रिजिजू से मुझे सीखना पड़ रहा है... आपके चेंबर में आकर जो बोलते हैं, रोज वही आकर पढ़ते हैं।''
उन्होंने सवाल उठाया कि यदि वह नियमों और अपने स्वयं के 'मैटर' को नहीं पढ़ेंगे, तो क्या वह केवल वही पढ़ेंगे जो उन्हें दिया जाएगा? मल्लिकार्जुन खरगे ने आगे कहा कि यह मेरा अधिकार है कि मुझे क्या बोलना है, कब बोलना है और कैसे बोलना है"
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रिजिजू का पलटवार
किरेन रिजिजू ने मल्लिकार्जुन खरगे पर पलटवार करते हुए कांग्रेस पर नए सदस्यों को मौका नहीं देने का आरोप लगाया। रिजिजू ने कहा कि विपक्ष के नेता ने कोई नियम नहीं बताया, चेयर को डायरेक्शन नहीं दे सकते हैं, सिर्फ आग्रह किया जा सकता है... उन्होंने कहा कि कांग्रेस के नए सदस्य कुछ नहीं सीख रहे हैं, क्योंकि उनका नेतृत्व उन्हें मौका ही नहीं दे रहा है।
