Rajouri Terror Attack: राजौरी टेरर अटैक के पीछे कौन है, इसमें दो मत नहीं कि वो आतंकी हमला था। राजौरी के कंडी फॉरेस्ट इलाके में आतंकियों के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। बताया जा रहा है कि एक गुफा में करीब सात से 9 आतंकी छिपे हुए हैं। शुक्रवार को आतंकी हमले में सेना के पांच जवान शहीद हुए थे जिसमें से कुछ कमांडो थे। शक की सूई पाक अधिकृत कश्मीर के कोटली स्थित लश्कर ए तैय्यबा पर जा रही है। रक्षा मंत्री राजनाथ(Rajnath Singh) सिंह सेना प्रमुख जनरल मनोज पांडे(Army Chief Manoj Pandey) के साथ जम्मू सेक्टर में सुरक्षा स्थिति की समीक्षा के लिए जम्मू के लिए रवाना हो चुके हैं। सेना के उत्तरी कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल उपेंद्र द्विवेदी पहले से ही ग्राउंड जीरो पर हैं। इस बीच यह जानकारी सामने आ रही है कि राजौरी में सुरक्षा बलों ने एक आतंकी को मार गिराया है।
राजौरी हमले में पाकिस्तान का हाथ !
हिंदुस्तान टाइम्स के मुताबिक जम्मू कश्मीर और दिल्ली से जो जानकारी मिली है उसके मुताबिक राजौरी और पुंछ आतंकी(Poonchh Terror Attack) हमले में लश्कर के दो समूहों के साथ कुछ स्थानीय लोग शामिल हो सकते हैं हालांकि इसकी अभी पुष्टि नहीं हुई है। ऐसा माना जा रहा है कि एक समूह में दो से तीन आतंकियों के साथ करीब 3 स्थानीय लोग थे जो 20 अप्रैल को भाटा धुरियां इलाके में आर्मी की गाड़ी पर हमले के लिए जिम्मेदार थे। माना यह भी जा रहा है कि जिस तरह से 9 पैरा कमांडो के ऊपर अटैक किया गया है उससे साफ है कि कोई दूसरा समूह भी है जिसमें दो पाकिस्तानियों समेत पांच आतंकी हैं।
सज्जाद जट्ट का आया नाम !
फिलहाल राजौरी टेरर अटैक में कितने आतंकी मारे गए हैं, इसके बारे में जानकारी नहीं लेकिन आतंकी भी मारे गए होंगे इसकी संभावना भी है। सुरक्षा बलों के मुताबिक कंडी फॉरेस्ट एरिया में आतंकियों को दिशानिर्देश कोटली स्थित लश्कर कमांडो हबीबुल्लाह मलिक उर्फ साजिद जट्ट(Sajjad Jutt) उर्फ साजिद लंगड़ा का हाथ हो सकता है। इसके अलावा रियाज अहमद उर्फ कासिम जो जम्मू के रियासी का रहने वाला है, फिलहाल वो इस समय लाहौर के मुरीदके में लश्कर के मुख्यालय से काम करता है। इसके अलावा रफीक नाई उर्फ सुल्तान पुंछ के मेंढर का रहने वाला है हालांकि इस समय वो पाकिस्तान में है।
पाकिस्तान के पंजाब का रहने वाला साजिद जट्ट जम्मू कश्मीर में लश्कर की आतंकी गतिविधियों को अंजाम देता है, हालांकि उसके बारे में कहा जाता है कि वो भर्ती, हथियारों की तस्करी, आतंकियों को वित्तीय मदद मुहैया कराने में मुख्य भूमिका अदा करता है। सज्जाद के बारे में कहा जाता है कि जमे्मी रीजन में ड्रोन के जरिए हथियारों के गिराए जाने में भी वो शामिल है।
