Rajnath Singh in Nagpur: रक्षा मंत्री और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को नागपुर में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (RSS) के मुख्यालय पहुंचकर संगठन के प्रमुख मोहन भागवत से मुलाकात की। सूत्रों ने यह जानकारी दी।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत (फाइल फोटो)
राजनाथ सिंह एक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए नागपुर पहुंचे थे, जहां उन्होंने आयुध फैक्टरी में 10,000 टन क्षमता वाली अत्याधुनिक एल्युमिनियम 'एक्सट्रूज़न प्रेस' की स्थापना के लिए भूमि पूजन किया।
मोहन भागवत से मिले राजनाथ सिंह
समाचार एजेंसी पीटीआई/भाषा ने सूत्रों के हवाले से बताया कि कार्यक्रम के बाद सिंह महाल स्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के मुख्यालय पहुंचे और संघ प्रमुख मोहन भागवत से मुलाकात की।
क्या कुछ बोले राजनाथ सिंह
इससे पहले, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने नागपुर के अंबाझरी में स्थित यंत्र इंडिया लिमिटेड (YIL) की आयुध फैक्टरी में 10,000-टन एल्युमीनियम एक्सट्रूज़न प्रेस (AEP) के भूमि पूजन समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि पारंपरिक युद्ध और उससे जुड़े साधनों का आज भी उतना ही महत्व है, जितना 1947 में था। उन्होंने कहा कि इसलिये एक मजबूत सैन्य-औद्योगिक आधार का महत्व भविष्य में भी रहेगा।
रक्षामंत्री ने कहा कि युद्ध के दौरान जब आपूर्ति श्रृंखला प्रभावित होती है, तो हर देश चाहता है कि ज़रूरी चीज़ों का उत्पादन देश के भीतर ही हो। उन्होंने कहा कि जो देश अपनी ज़रूरतें खुद पूरी करने में सक्षम होता है, वह पूरे आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ सकता है।
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राजनाथ सिंह ने कहा, ''पारंपरिक युद्ध और उससे जुड़े साधनों का महत्व आज भी उतना ही है, जितना 1947 में था और 2047 तक भी ये काफी हद तक बना रहेगा।। हम अक्सर कहते हैं कि युद्ध का स्वरूप बदल रहा है। सीमाएं धुंधली हो रही हैं। दुश्मनों की पहचान करना मुश्किल हो रहा है। सेनाएं अपनी जगह पर खड़ी रह सकती हैं और देश अस्थिर हो सकते हैं। इनमें से बहुत कुछ सच है, लेकिन यह बात भी उतनी ही सच है कि पारंपरिक युद्ध और उससे जुड़े साधन आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं, जितने 1947 में थे।''
