Rajkot TRP Zone Fire Case: गुजरात के राजकोट में 25 मई को टीआरपी गेम जोन अग्निकांड का मामला अब 18वीं लोकसभा के पहले सत्र में गूंज सकता है। कांग्रेस नेता और सांसद राहुल गांधी ने राजकोट अग्निकांड के एक महीना पूरा होने के ठीक दो दिन पहले ही राजकोट अग्निकांड के पीड़ितों से बातचीत की। राहुल गांधी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म जूम के जरिए गुजरात कांग्रेस नेताओं और पीड़ितों से जुड़े और इस बड़े हादसे की जांच और मुआवजे के बारे में जानकारी हासिल की।
राजकोट गेम जोन हादसा
राहुल गांधी ने पीड़ितों से बात की
राहुल गांधी ने अपनी इस बातचीत में पीड़ितों से वादा किया है कि अगर वे कहेंगे तो वह इस मुद्दे को लोकसभा में उठाने तक को तैयार हैं। राजकोट के टीआरपी गेम जोन अग्निकांड में 27 लोगों की जलने से मौत हो गई थी। राज्य के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने अग्निकांड की जांच के लिए SIT का गठन किया था। SIT ने एक दिन पहले ही अपनी 100 पन्नों की रिपोर्ट गुजरात के गृह मंत्री हर्ष संघवी को सौंपी है। इस रिपोर्ट के जरिए SIT ने चार आईपीएस और एक आईएएस अधिकारी से पूछताछ करने का ब्योरा भी गुजरात सरकार को दिया है।
25 जून को बंद की अपील
राजकोट टीआरपी गेम जोन अग्निकांड की घटना के विरोध में गुजरात कांग्रेस ईकाई ने 25 जून को लोगों से स्वत: एक दिन का बंद रखने का आग्रह किया, साथ ही राजकोट बंद का तक एलान किया है। कांग्रेस की तरफ से इसे जनता कर्फ्यू और स्वत: बंद नाम दिया गया है। कांग्रेस पार्टी इस पूरे अग्निकांड मामले में दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के साथ, पूरे मामले की जांच सेवानिवृत्त जज या फिर हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में कराने की मांग कर रही है। गुजरात कांग्रेस की मांग है कि पीड़ितों को अच्छा मुआवजा मिलना चाहिए।
कांग्रेस के विधायक और गुजरात कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष जिग्नेश मेवाणी और गुजरात से लोकसभा चुनावों में जीती बनासकांठा की सांसद गेनीबेन ठाकोर इस मुद्दे पर पिछले काफी दिनों से उग्र नजर आ रहे हैं। गुजरात प्रदेश कांग्रेस समिति के अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद शक्तिसिंह गोहिल, राहुल से हुई बातचीत में कहा कि कांग्रेस राजकोट में लोगों से घर-घर जाकर संपर्क कर रही है, उनसे आग्रह कर रही है कि सरकार पर दवाब डालने के लिए 25 जून को बंद को सफल बनाए। गोहिल ने कहा कि कांग्रेस की स्पष्ट मांग है कि बड़े अधिकारी और नेताओं की जिम्मेदारी तय हो और जिन परिवारों ने अपने परीजनों को खोया है उन्हें एक करोड़ रुपये तक का मुआवजा मिले।
अग्निकांड में 27 की मौत
कांग्रेस पार्टी का आरोप है कि राजकोट में गैरकानूनी तौर पर यह गेम जोन कैसे संचालित हो रहा था। हालाकी कांग्रेस के आरोपों को अब तक राजकोट क्राइम ब्रांच और SIT की जांच तक सिद्ध कर रही है, अब तक कई भ्रष्ट कर्मियों पर कार्यवाही हो चुकी है। लेकिन क्लास वन रैंक के अधिकारी पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं दिखी जिसके बाद कांग्रेस का कहना है की इसमें शामिल अधिकारियों को भी कार्यवाही के दायरे में लाया जाना चाहिए। राजकोट गेम जोन अग्निकांड में सामने आया था कि संचालकों ने कोई भी फायर एनओसी तक नहीं ली थी, इतना ही नहीं अग्निकांड हादसे के बाद काफी सारी गड़बड़ियों भी उजागर हुई थीं, जिसके बाद हरकत में आई गुजरात सरकार ने पुलिस अधिकारियों के तबादले के साथ राजकोट नगर निगम के कमिश्नर आनंद पटेल को भी हटा दिया था। इस अग्निकांड में 27 लोगों की मौत हुई थी, अग्निकांड में शव इतने ज्यादा जल गए थे कि शवों को चार दिन बाद डीएनए टेस्टिंग के जरिए पहचान करने के बाद परिजनों को सौंपा गया था।
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