Rajiv Gandhi Birth Anniversary: कांग्रेस संसदीय दल की प्रमुख सोनिया गांधी, पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन, पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी, महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा और कई अन्य पार्टी नेताओं ने बृहस्पतिवार पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि दी। सोनिया गांधी, खरगे, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने ’वीर भूमि’ पहुंचकर राजीव गांधी की समाधि पर पुष्प अर्पित किए। खरगे ने राजीव गांधी के योगदान को याद करते हुए कहा कि उन्होंने लाखों लोगों में उम्मीद दी और भारत को 21वीं सदी की संभावनाओं के लिए तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
खरगे ने X पर पोस्ट कर कहा कि राजीव गांधी एक 'दूरदर्शी नेता' थे और उनकी विरासत उन बड़े बदलावों में जीवित है, जिनका उन्होंने समर्थन किया तथा भारत के युवाओं, तकनीकी प्रगति और नए विचारों में उनके अटूट विश्वास में भी दिखाई देती है। उन्होंने कहा कि राजीव गांधी को सबसे सार्थक श्रद्धांजलि भारत की सद्भाव और मेल-मिलाप की भावना को मजबूत करना तथा बौद्धिक स्वतंत्रता, नवाचार और युवाओं की आकांक्षाओं को बढ़ावा देना होगी।
जयराम रमेश ने क्या बोला?
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की जयंती पर उन्हें याद करते हुए कहा कि देश में युवाओं के बीच जारी हलचल के दौर में उनके उन फैसलों को याद करना जरूरी है, जिनसे युवाओं को लोकतांत्रिक प्रक्रिया, शिक्षा और रोजगार के नए अवसरों से जोड़ा गया।
रमेश ने X पर एक पोस्ट में कहा कि राजीव गांधी ने 18 वर्ष की उम्र में मतदान का अधिकार देकर युवाओं को लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भागीदारी का अवसर दिया। संविधान के 61वें संशोधन के जरिए मतदान की न्यूनतम उम्र 21 से घटाकर 18 वर्ष की गई थी। उन्होंने कहा कि राजीव गांधी के कार्यकाल में शिक्षा के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण पहल हुईं और नवोदय विद्यालयों की राष्ट्रव्यापी व्यवस्था सामने आई। रमेश ने इसके अलावा युवाओं के लिए संस्थागत ढांचा तैयार करने और भारत को सूचना प्रौद्योगिकी के युग में ले जाने में राजीव गांधी की भूमिका का उल्लेख किया।
पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा, 'मौजूदा समय में देश में युवाओं के बीच दिख रही बेचैनी और आकांक्षाओं के संदर्भ में राजीव गांधी की युवा-केंद्रित सोच को याद करना प्रासंगिक है।' उन्होंने राजीव गांधी के योगदानों में 12 जनवरी को स्वामी विवेकानंद की जयंती को राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में मनाए जाने का भी उल्लेख किया।
तमिलनाडु में की गई हत्या
राजीव गांधी का जन्म 20 अगस्त 1944 को हुआ था। वह 40 वर्ष की उम्र में 31 अक्टूबर 1984 को देश के प्रधानमंत्री बने और दो दिसंबर 1989 तक इस पद पर रहे। तमिलनाडु के श्रीपेरंबदूर में 21 मई 1991 को चुनावी सभा के दौरान आत्मघाती हमले में उनकी हत्या कर दी गई थी। प्रधानमंत्री बनने के बाद उन्होंने प्रशासन, शिक्षा, संचार और प्रौद्योगिकी के क्षेत्रों में आधुनिकीकरण पर जोर दिया था। उन्हें भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'भारत रत्न' (मरणोपरांत) से सम्मानित किया गया।
