Rahul Gandhi Indore Visit: मध्य प्रदेश की आर्थिक और शैक्षणिक राजधानी इंदौर में एक बार फिर सियासी पारा चढ़ने वाला है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी आगामी 12 सितंबर को इंदौर में आयोजित होने वाले 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम (Chhatron Ki Goonj Event) में मुख्य वक्ता के रूप में शामिल होंगे। इंदौर शहर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष चिंटू चौकसे के अनुसार, इस विशाल छात्र सम्मेलन में इंदौर और आसपास के जिलों से लगभग 50,000 विद्यार्थियों और युवाओं को जुटाने की योजना बनाई गई है।
12 सितंबर को राहुल गांधी की बड़ी रैली (फाइल फोटो)
'छात्रों की गूंज' असल में कांग्रेस द्वारा शुरू किया गया एक देशव्यापी विद्यार्थी-संवाद अभियान है। इसके माध्यम से पार्टी देश भर के अलग-अलग शिक्षण संस्थानों और शहरों में जाकर युवाओं से सीधा संपर्क साध रही है। विपक्षी दल इस मंच का उपयोग प्रश्नपत्र लीक, महंगी होती पढ़ाई, सरकारी भर्तियों में होने वाली अनियमितताओं और बढ़ती बेरोजगारी जैसे संवेदनशील मुद्दों पर सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी को घेरने के लिए कर रहा है।
पुणे में दिया था 'ब्रेक द केज' का संदेश
इससे पहले 22 अगस्त को राहुल गांधी ने महाराष्ट्र के पुणे स्थित एआईएसएसएमएस (AISSMS) कॉलेज में आयोजित 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम में हिस्सा लिया था। उस कार्यक्रम में उन्होंने छत्रपति राजर्षि शाहू महाराज को नमन करते हुए 'ब्रेक द केज' (पिंजरा तोड़ो) विषय पर युवाओं और महिलाओं को संबोधित किया था।
पुणे के संबोधन के दौरान राहुल गांधी ने मनुस्मृति की तीखी आलोचना करते हुए कहा था कि इसमें महिलाओं की स्वतंत्रता को सीमित करने वाले विचार लिखे गए हैं, जो बेहद आहत करने वाले हैं। उन्होंने कहा था कि महिलाओं को केवल बेटी, पत्नी या मां के तीन दायरों में बांधकर देखना पुरानी सोच है, क्योंकि आज की महिलाएं खेल से लेकर हर पेशेवर क्षेत्र में अपनी मजबूत पहचान बना रही हैं। पुणे के बाद अब इंदौर का यह दौरा मध्य प्रदेश की युवा राजनीति में कांग्रेस के लिए बेहद खास माना जा रहा है।
