Rahul Gandhi on caste census: लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने बुधवार को कहा कि देश में जाति जनगणना कराने के सरकार के फैसले का वह समर्थन करते हैं लेकिन इसे कराने की समय सीमा क्या होगी, सरकार को इसे बताना चाहिए। कांग्रेस सांसद ने कहा कि जाति जनगणना होकर रहेगी, हमने यह बात संसद में कही थी। हमने 50 प्रतिशत आरक्षण की सीमा खत्म करने की भी बात कही है। आरक्षण सीमा की यह कृत्रिम दीवार है।
राहुल गांधी ने जाति जनगणना के फैसले का समर्थन किया।
यह कब होगा, सरकार बताए-राहुल
कांग्रेस नेता ने कहा, 'जाति जनगणना पर ढुलमुल रवैया अपनाने वाली सरकार को अचानक क्या हो गया कि उसने 11 साल बाद इसे कराने का फैसला ले लिया। हम सरकार के इस फैसले का समर्थन करते हैं लेकिन हम एक समय सीमा चाहते हैं। सरकार यह बताए कि वह कब तक इसे पूरा करना चाहती है। अभी यह पहला कदम है। जाति जनगणना के मामले में तेलंगाना एक आदर्श राज्य बन चुका है। उसकी जनगणना एक ब्लूप्रिंट का काम कर सकती है। जाति जनगणना कराने के सरकार के इस प्रयास का हम समर्थन करते हैं। जाति जनगणना के दो उदाहरण बिहार और तेलंगाना हैं और इन दोनों राज्यों में बहुत बड़ा अंतर है।'हमारी संकल्पना को सरकार ने अपनाया-राहुल
कांग्रेस नेता ने कहा कि जाति जनगणना हमारी संकल्पना है जिसे मोदी सरकार ने अपनाया है लेकिन यह कब होगा इसका हमें पता होना चाहिए। इसके लिए बजट का भी होना जरूरी है। सिर्फ आरक्षण नही, आदिवासी, दलित और अल्पसंख्यक की कितनी भागीदारी है इसका भी पता होना चाहिए। राहुल ने कहा, 'मुझे नहीं लगता ये बिहार चुनाव की वजह से हुआ है, मुझे इसमें नही जाना क्यों किया, कब किया? ये अच्छा कदम है।'देर आए, दुरुस्त आए-जयराम रमेश
इससे पहले, कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कांग्रेस के अहमदाबाद अधिवेशन के प्रस्ताव के कुछ अंश साझा करते हुए ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘सामाजिक न्याय को लेकर यह बात कांग्रेस के हालिया प्रस्ताव में कही गई थी, जो 9 अप्रैल 2025 को अहमदाबाद में पारित हुआ था। देर आए, दुरुस्त आए।’ सरकार के इस फैसले के बाद विपक्षी दलों में इसका श्रेय लेने की होड़ मच गई है। राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव ने कहा कि जातिगत जनणना कराने उनकी मांग बहुत पहले से थी।
सामाजिक न्याय के लिए संकल्पित मोदी सरकार-शाह
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि नरेन्द्र मोदी सरकार सामाजिक न्याय के लिए प्रतिबद्ध है और उसने आगामी जनगणना में जातिगत गणना करने का ऐतिहासिक फैसला किया है। राजनीतिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीपीए) द्वारा महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाने के कुछ घंटे बाद गृहमंत्री शाह ने कहा कि सरकार ने सामाजिक समानता और हर वर्ग के अधिकारों के प्रति अपनी मजबूत प्रतिबद्धता प्रदर्शित की है। उन्होंने X पर अपने एक पोस्ट में कहा, ‘सामाजिक न्याय के लिए संकल्पित मोदी सरकार ने आज एक ऐतिहासिक निर्णय लिया है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में आज हुई सीसीपीए की बैठक में, आगामी जनगणना में जातिगत गणना को शामिल करने का निर्णय लेकर सामाजिक समानता और हर वर्ग के अधिकारों के प्रति मजबूत प्रतिबद्धता का संदेश दिया गया है।’
चिराग ने कहा-राष्ट्रीय हित में यह महत्वपूर्ण फैसला
जदयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा ने कहा कि इस फैसले से समाज के वंचित वर्गों के लिए कार्यक्रम को और अधिक केंद्रित बनाने में मदद मिलेगी। लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के अध्यक्ष चिराग पासवान ने कहा कि यह राष्ट्रीय हित में एक महत्वपूर्ण फैसला है। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी लंबे समय से इसकी मांग कर रही थी। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यह फैसला देश के समतामूलक विकास में एक बड़ा कदम होगा। उन्होंने कहा कि जाति आधारित जनगणना ‘अधिक न्यायपूर्ण और केंद्रित नीतियां बनाने’ में मदद करेगी।देश और दुनिया की ताजा ख़बरें (News in Hindi) पढ़ें हिंदी में और देखें छोटी बड़ी सभी न्यूज़ Times Now Navbharat Live TV पर। देश (India News) अपडेट और (आज की ताजा खबर) के लिए जुड़े रहे Times Now Navbharat से ।
