उद्धव ठाकरे गुट (Uddhav Thackeray) ने सावरकर पर राहुल के बयान से खुलकर नाराजगी जाहिर की उद्धव ठाकरे गुट ने सोमवार को कांग्रेस की बैठक और डिनर से भी दूरी बना ली है यानी उसमें शामिल नहीं हुए हैं गौर हो कि एक दिन पहले ही उद्धव ने कहा था कि सावरकर पर अपमान बर्दाश्त नहीं करेंगे, गौर हो कि मानहानि मामले में दो साल की सजा के बाद संसद की सदस्यता गंवाने वाले राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था कि वो 'गांधी हैं, सावरकर नहीं, माफी नहीं मांगेंगे' अब इस बयान को लेकर महाराष्ट्र में कांग्रेस और उद्धव ठाकरे के शिवसेना गुट के गठबंधन में दरार पड़ती दिख रही है।
उद्धव ठाकरे गुट ने सावरकर पर राहुल के बयान से खुलकर नाराजगी जाहिर की
शिवसेना (उद्धव) गुट के सांसद अरविंद सावंत और राज्यसभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने इस बात की पुष्टि की है कि उनकी पार्टी विपक्षी एकता के लिए बुलाए गए इस आयोजन से दूर रही है। सावरकर पर राहुल गांधी की टिप्पणी को लेकर विरोध जताते हुए पार्टी का कोई सांसद या नेता विपक्ष के लिए आयोजित इस डिनर में शामिल नहीं हुआ।
उद्धव ठाकरे ने कहा है कि वह हिंदुत्व विचारक वीडी सावरकर को अपना आदर्श मानते हैं और उनका अपमान बर्दाश्त नहीं करेंगे, राहुल गांधी के सावरकर के खिलाफ बयान जारी करने के बाद से ही उद्धव गुट और कांग्रेस की ठन गई थी, महाराष्ट्र में महा विकास आघाड़ी के शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने राहुल को चेतावनी तक दी थी।
'हिंदुत्व विचारक सावरकर को अपना आदर्श मानते हैं'
शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने रविवार को कहा था कि वह हिंदुत्व विचारक सावरकर को अपना आदर्श मानते हैं। उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी से कहा कि वह सावरकर का अपमान करने से बचें। उन्होंने कहा कि महा विकास आघाड़ी (MVA) तीन दलों - शिवसेना (UBT), कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी - का गठबंधन है, जिसे लोकतंत्र की रक्षा के लिए बनाया गया था और इसके लिए एकजुट होकर काम करना जरूरी था।
कांग्रेस अध्यक्ष श्री @kharge के आवास पर विपक्षी दलों के नेताओं की मीटिंग हो रही है।इस मीटिंग की कुछ तस्वीरें t.co/rO51T7IhAL
— ANI (@ANI) Mar 27, 2023
उत्तरी महाराष्ट्र के नासिक जिले के मुस्लिम बहुल शहर मालेगांव में एक रैली को संबोधित करते हुए ठाकरे ने यह भी कहा कि जानबूझ कर राहुल गांधी को उकसाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
'हमें अपने लोकतंत्र की रक्षा के लिए मिलकर लड़ना होगा'
उन्होंने कहा, 'सावरकर हमारे आदर्श हैं और उनका अपमान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हमें अपने लोकतंत्र की रक्षा के लिए मिलकर लड़ना होगा। सावरकर ने 14 साल तक अंडमान जेल में अकल्पनीय यातनाएं झेलीं। हम केवल पीड़ाओं को पढ़ सकते हैं। यह बलिदान एक प्रतीक है।' ठाकरे ने कहा, 'मैं राहुल गांधी को बताना चाहता हूं कि हम अपने देश के लोकतंत्र और इसके संविधान को बचाने के लिए एक साथ आए हैं। हालांकि, आपको जानबूझ कर उकसाया जा रहा है। यदि हम इस समय को व्यर्थ जाने देंगे तो लोकतंत्र का अस्तित्व समाप्त हो जाएगा। 2024 का चुनाव, आखिरी चुनाव होगा।'
राहुल गांधी को लोकसभा की सदस्यता से अयोग्य घोषित कर दिया गया
गुजरात में सूरत की एक अदालत द्वारा 2019 के मानहानि मामले में दोषी ठहराए जाने के एक दिन बाद शुक्रवार को गांधी को लोकसभा की सदस्यता से अयोग्य घोषित कर दिया गया। दिल्ली में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने शनिवार को कहा था, 'मेरा नाम सावरकर नहीं है, मेरा नाम गांधी है और गांधी किसी से माफी नहीं मांगते हैं।'
