Rahul Gandhi Press Conference: बिहार चुनाव से पहले कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी थोड़ी देर में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहे हैं। नई दिल्ली के इंदिरा भवन ऑडिटोरियम में मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने एक बार फिर चुनाव आयोग के कामकाज पर सवाल खड़े किए। राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर 'वोट चोरों' की रक्षा करने का आरोप लगाया।
राहुल गांधी ने चुनाव आयोग के कामकाज पर उठाए सवाल।(फोटो सोर्स: कांग्रेस)
राहुल गांधी ने कहा, "CEC वोट चोर को प्रोटेक्ट करने का काम कर रहे है। कुछ ग्रुप है और जाति को जानबूझकर टारगेट किया जाता है। मैं LoP हूं और मैं जो भी कहता पूरी जिम्मेदारी से कहता हूं। मैं अपने देश को बहुत प्यार करता हूं और देश के लोकतंत्र को बचाने का काम कर रहा हूं।"
भारतीय लोकतंत्र को नष्ट कर रहे CEC: राहुल गांधी
कांग्रेस नेता ने आगे मुख्य चुनाव आयुक्त पर निशाना साधते हुए कहा कि केंद्र चुनाव आयोग (CEC) को उन लोगों की रक्षा करना बंद कर देना चाहिए जो भारतीय लोकतंत्र को नष्ट कर रहे हैं। चुनाव आयोग (EC) इन फोन डेटा और OTPs की जानकारी एक सप्ताह के भीतर जारी नहीं करता, तो हमें यकीन हो जाएगा कि ज्ञानेश कुमार के इशारे पर ये हो रहा है।
जल्द आपको हाइट्रोजन बम दिखायेंगे: राहुल गांधी
राहुल गांधी ने कहा कि ज्ञानेश जी अपना काम कीजिए आपने ओथ लिया है। कर्नाटक CID को 1 हफ्ते में सबूत दे दीजिए। पूरा देश ये जान जाएगा की आप संविधान के हत्या करने वालो के साथ है। उन्होंने आगे कहा कि जल्द आपको हाइट्रोजन बम दिखायेंगे अभी तैयारी चल रही है। जब तक पूरा सबूत नहीं होगा मैं स्टेज पर नहीं जाऊँगा ये मैंने अपनी टीम को बोल दिया है।
जानबूझकर वोट डिलीट किए गए: राहुल गांधी
कांग्रेस नेता ने आगे कहा आरोप लगाया कि कर्नाटक के आलंद में 6018 वोट जानबूझकर डिलीट किया गया। ये सभी वोट उन पोलिंग बूथ से जानबूझकर डिलीट किया गया जहाँ कांग्रेस उम्मीदवार को वोट मिलना था।
सूचना भेजने पर CEC ने नहीं दिया कोई जवाब: राहुल गांधी
उन्होंने आगे कहा कि कर्नाटक में इस मामले की जांच चल रही है। CID ने 18 महीनों में 18 पत्र भेजे हैं, जिनमें उनसे इन फॉर्म्स के डेस्टिनेशन IP, डिवाइस डेस्टिनेशन पोर्ट्स और OTP ट्रेल्स उपलब्ध कराने को कहा गया है। लेकिन चुनाव आयोग ये जानकारियां नहीं दे रहा है। क्योंकि इससे पता चल जाएगा कि यह ऑपरेशन कहां संचालित किया गया था। FIR फरवरी 2023 में दर्ज हुई थी।
राहुल गांधी ने चुनाव आयोग पर हमला बोलते हुए आगे कहा कि ईसीआई ने अगस्त 2023 में जवाब दिया पर CID को यह जानकारी नहीं दी। जनवरी 2024 में CID ने फिर से ईसीआई को पूरा सूचना भेजने को लिखा पर कोई उत्तर नहीं मिला। 18 रिमाइंडर पत्र भी लिखे गए। कर्नाटक के CEC ने कई बार ईसीआई से जानकारी देने को कहा पर कोई जवाब नहीं आया। यह ठोस सबूत है कि ज्ञानेश कुमार यह करवा रहे हैं। यह बड़े संसाधनों का उपयोग करके किया जा रहा है।
कर्नाटक में 6018 नाम कटे, महाराष्ट्र में 6180 जुड़े...
राहुल गांधी ने कर्नाटक में फर्जी वोटिंग को लेकर बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा, "आलंद कर्नाटक का एक विधानसभा क्षेत्र है। वहां किसी ने 6,018 वोट डिलीट करने की कोशिश की। हमें नहीं पता कि 2023 के चुनाव में कुल कितने वोट डिलीट किए गए, लेकिन यह संख्या 6,018 से कहीं ज्यादा थी। बस इतनी बात हुई कि इन 6,018 वोटों को डिलीट करते समय गलती से मामला पकड़ में आ गया।"
राहुल गांधी ने बताया," हुआ यूं कि वहां की एक बूथ-लेवल अधिकारी ने देखा कि उसके चाचा का वोट डिलीट हो गया है। उसने जांच की कि उसके चाचा का वोट किसने डिलीट किया, तो पता चला कि पड़ोसी ने डिलीट किया है। जब उसने अपने पड़ोसी से पूछा तो उसने कहा कि मैंने कोई वोट डिलीट नहीं किया। यानी न तो जिस व्यक्ति ने वोट डिलीट किया और न ही जिसका वोट डिलीट हुआ- दोनों को इस बारे में कुछ पता था। असल में किसी और ताकत ने सिस्टम को हाईजैक करके ये वोट डिलीट किए थे।" वहीं, राहुल गांधी ने कहा कि महराष्ट्र चुनाव में बड़ी तादाद में लोगों के नाम वोटर्स लिस्ट में जोड़ दिए गए।
7 अगस्त को भी राहुल गांधी ने किया प्रेस कॉन्फ्रेंस
बता दें कि इससे पहले राहुल गांधी ने 7 अगस्त 2025 को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर महादेवपुरा विधानसभा क्षेत्र (बेंगलुरु साउथ लोकसभा सीट) में बड़े पैमाने पर फर्जी वोट और गड़बड़ी का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि इस क्षेत्र की मतदाता सूची में 1 लाख से ज्यादा संदिग्ध वोट शामिल हैं।
राहुल गांधी ने कहा कि कांग्रेस की रिसर्च टीम ने जो डेटा निकाला है, उसमें 11,965 डुप्लिकेट वोटर्स, 40,009 फर्जी या अमान्य पते, 10,452 एक ही पते पर वोटर, 4,132 फोटो/आईडी से जुड़ी गड़बड़ी और 33,692 फर्जी आवेदन पाए गए।
