Kerala Congress CM Race: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने केरल के मुख्यमंत्री के चयन को लेकर बुधवार को अंतिम दौर की मंत्रणा की और नाम की घोषणा बहुत जल्द होने की संभावना है। खरगे के आवास '10 राजा जी मार्ग' पर दोनों नेताओं के बीच आधे घंटे से भी अधिक समय तक चर्चा हुई।
खरगे आवास में कांग्रेस की बड़ी बैठक (फाइल फोटो)
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने बताया कि केरल के अगले मुख्यमंत्री के नाम की घोषणा गुरुवार को की जाएगी। उन्होंने बताया कि पार्टी हाईकमान ने सभी जरूरी विचार-विमर्श पूरे कर लिए हैं। उन्होंने कहा, ''केरल में कांग्रेस विधायक दल के सदस्यों द्वारा अधिकृत किए जाने के बाद हाईकमान ने सभी चर्चाएं पूरी कर ली हैं। केरल के अगले मुख्यमंत्री कौन होंगे, इसकी घोषणा कल की जाएगी''
CM की रेस में कौन-कौन शामिल
संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल, पिछली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष रहे वीडी सतीशन और वरिष्ठ नेता रमेश चेन्निथला मुख्यमंत्री पद के प्रमुख दावेदार हैं। बीते सात मई को कांग्रेस विधायक दल की बैठक में एक प्रस्ताव पारित कर पार्टी आलाकमान को विधायक दल के नेता के चयन के लिए अधिकृत किया गया था।
खरगे और राहुल लगातार मंत्रणा कर रहे हैं, लेकिन अभी तक कोई फैसला नहीं हुआ है। हालांकि, सरकार गठन की समयसीमा 23 मई नजदीक आ रही है।
रेस में सबसे आगे वेणुगोपाल
केरल के मुख्यमंत्री की रेस में रमेश चेन्निथला, वीडी सतीशन और केसी वेणुगोपाल हैं, लेकिन केसी वेणुगोपाल रेस में सबसे आगे चल रहे हैं। वेणुगोपाल कांग्रेस आलाकमान के सबसे भरोसेमंद चेहरों में से एक हैं और 2019 से अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) में महासचिव (संगठन) की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। कांग्रेस में उम्मीदवारों के चयन, संगठनात्मक फैसलों और गठबंधन प्रबंधन जैसे अहम मामलों में उनकी अहम भूमिका मानी जाती है।
कौन हैं केसी वेणुगोपाल
वेणुगोपाल की केरल की राजनीति में मजबूत पकड़ है। वह 1996 से 2009 तक अलप्पुझा से तीन बार विधायक रहे और पूर्व मुख्यमंत्री ओमान चांडी की सरकार में पर्यटन मंत्री भी रह चुके हैं। इसके बाद, वेणुगोपाल ने 2009 और 2014 का लोकसभा चुनाव अलप्पुझा सीट से जीता और मनमोहन सरकार में ऊर्जा और नागरिक उड्डयन जैसे मंत्रालयों में राज्य मंत्री की भूमिका निभाई।
सनद रहे कि केरल में हाल में संपन्न विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के नेतृत्व वाले संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (UDF) ने राज्य की कुल 140 सीट में से 102 पर जीत दर्ज की।
