'राहुल गांधी आपके दिमाग में है, मैंने मार दिया उसको, वो है ही नहीं...' वायरल हुआ Rahul का जवाब, देखें वीडियो

  • Authored by: किशोर जोशी
  • Updated Jan 9, 2023, 12:21 PM IST

Bharat Jodo Yatra: कांग्रेस सांसद राहुल गांधी (Rahul Gandhi) के नेतृत्व में निकाली गई भारत जोड़ो यात्रा हरियाणा में प्रवेश कर गई है। इस दौरान राहुल गांधी ने कुरुक्षेत्र में मीडिया के सवालों के जवाब दिए।

Rahul Gandhi Video: कांग्रेस नेता राहुल गांधी इन दिनों भारत जोड़ो यात्रा (Bharat Jodo Yatra) के दूसरे चरण के तहत पैदल यात्रा कर रहे हैं। इसी कड़ी में रविवार को जब वह हरियाणा के कुरुक्षेत्र पहुंचे तो वहां उन्होंने मीडिया के सवालों का जवाब दिया। इस दौरान राहुल गांधी ने कहा, 'गीता में लिखा है काम करो, जो होगा सो होगा। जब अर्जुन मछली की आंख में तीर मार रहा था, तब उसने ये नहीं बताया कि आगे क्या करना है?'

Rahul Gandhi

राहुल गांधी के बयान पर बीजेपी ने ली चुटकी (फोटो ट्विटर- @SevadalCHD)

वायरल हो रहा है ये जवाब

एक पत्रकार के सवाल का जवाब देते हुए राहुल गांधी ने कहा, 'राहुल गांधी आपके दिमाग में है, मैंने मार दिया उसको, वो है ही नहीं, मेरे माइंड में है ही नहीं। गया वो, जिस व्यक्ति को आप देख रहे हो वो राहुल गांधी नहीं है, वो आपको दिख रहा है। बात नहीं समझे आप। हिंदू धर्म को पढ़ो जरा, शिवजी को पढ़ो जरा बात समझ में आ जाएगी। ऐसे हैरान मत होओ। राहुल गांधी आपके दिमाग में है, मेरे दिमाग में है ही नहीं। राहुल गांधी, बीजेपी के दिमाग में है, मेरे दिमाग में है ही नहीं। इमेज का मुझे कोई लेना देना नहीं है, जो इमेज आप रखना चाहते हो रख दो। अच्छी रखनी है रख, खराब रखनी है रख दो वो आपका व्यू है। मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता है।' बीजेपी ने इसे लेकर राहुल गांधी पर चुटकी ली है।

RSS पर निशाना

तमिलनाडु के कन्याकुमारी से कश्मीर तक निकाली जा रही यह यात्रा इस समय हरियाणा से गुजर रही है। इस बारे में पूछे जाने पर गांधी ने कहा कि उन्होंने इस यात्रा के दौरान बहुत कुछ सीखा है। मीडिया को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा, ‘जिस दिन आरएसएस ने इस देश की संस्थाओं को नियंत्रित किया, लड़ाई राजनीतिक नहीं रही। अब यह एक अलग लड़ाई बन गई है। आप इसे विचारधारा की लड़ाई कह सकते हैं, धर्म की लड़ाई कह सकते हैं, या आप इसे कोई रूपरेखा दे सकते हैं, लेकिन यह राजनीतिक लड़ाई नहीं है। भाजपा और आरएसएस का कहना है कि 'तपस्या' का सम्मान नहीं होना चाहिए और जो लोग उनकी 'पूजा' (पूजा) करते हैं, केवल उनका सम्मान होना चाहिए। क्या नोटबंदी ने गरीबों की 'तपस्या' का सम्मान किया? हरगिज नहीं। यह 'तपस्या' पर हमला था।’

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