लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी का 19 सितंबर को इंदौर में ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम है। इंदौर में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम पर कांग्रेस सांसद दिग्विजय सिंह ने कहा- 'राहुल गांधी ने पूरे देश में छात्रों से जुड़े मुद्दों को हिम्मत के साथ उठाया है। छात्र क्या चाहते हैं? अच्छी शिक्षा। वे रोजगार चाहते हैं। वे निष्पक्षता चाहते हैं। सच तो यह है कि आज बेरोज़गारी तेज़ी से बढ़ रही है; 2007 के बाद व्यापम घोटाले के साथ जो हुआ था, वही अब NEET (जिसे NTA आयोजित करता है) और सरकारी नौकरियों की भर्ती में हो रहा है। 2014 से, BJP शासित राज्यों और केंद्र स्तर पर लूट-खसोट और पैसा कमाने की होड़ मची हुई है...'
दिग्विजय सिंह बोले- राहुल ने हिम्मत से उठाए मुद्दे (फाइल फोटो)
UPI MDR ट्रांज़ैक्शन चार्ज पर दिग्विजय सिंह ने कहा, 'आम आदमी, गरीब आदमी को नुकसान होगा। छोटे व्यापारियों को नुकसान होगा। बड़ी कंपनियों पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा।'
राहुल गांधी का 19 सितंबर को इंदौर में ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम है। यह अभियान पेपर लीक, परीक्षा में अनियमितताओं, बेरोजगारी और महंगी होती शिक्षा प्रणाली के खिलाफ युवाओं की आवाज उठाने के लिए शुरू हुआ था।
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इंदौर में ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के लिए इंदौर विकास प्राधिकरण ने 10 लाख रुपए फीस ली। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने इस पर सवाल उठाते हुए पूछा- राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ के पिछले 5 साल में करीब 1000 कार्यक्रम हुए। क्या एक जगह भी फीस जमा हुई?
‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम क्या है?
ये कांग्रेस की एक लंबी मुहिम है-अगले 2 साल में देश के करीब 800 छोटे-बड़े शहरों तक ले जाने की प्लानिंग है। इसका मकसद छात्र, प्रतियोगी परीक्षा वाले युवा, और Gen-Z, इसका टारगेट है- शिक्षा व्यवस्था, रोजगार, पेपर लीक जैसे मुद्दों पर युवाओं की आवाज सुनना। अब तक कोटा, देहरादून, प्रयागराज, पुणे में हो चुका है, 19 सितंबर को इंदौर में बड़ा कार्यक्रम है।
