Bharat Jodo Nyay Yatra: कांग्रेस नेता राहुल गांधी की 'भारत जोड़ो न्याय यात्रा' पश्चिम बंगाल से बिहार में प्रवेश कर चुकी है। सोमवार को इस यात्रा ने किशनगंज के रास्ते बिहार में प्रवेश किया। कांग्रेस की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष अखिलेश प्रसाद सिंह और पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेताओं ने बिहार में राहुल गांधी का स्वागत किया।
बिहार पहुंची राहुल गांधी की भारत जोड़ो न्याय यात्रा।
तीन साल बाद राहुल गांधी को याद आया बिहार
राहुल गांधी ने इससे पहले भारत जोड़ो यात्रा निकाली थी। वो विदेशों के दौरे पर जाते हैं और भारत के लोकतंत्र पर सवाल खड़े करते हैं, मगर उन्हें अपने ही देश के बिहार राज्य की करीब तीन साल बाद याद आई है। दरअसल, यह 2020 के बिहार विधानसभा चुनाव प्रचार अभियान के बाद राहुल की पहली बिहार यात्रा है।
राहुल गांधी ने मोहब्बत की दुकान का किया जिक्र
राहुल ने बिहार पहुंचते ही कहा कि 'पिछले साल हमने कन्याकुमारी से कश्मीर तक 'भारत जोड़ो यात्रा' की थी। लोगों ने हमसे पूछा कि इस यात्रा का लक्ष्य क्या है और इसे आप पैदल क्यों कर रहे हैं? हमने कहा- देश में RSS-BJP की विचारधारा ने हिंसा और नफरत फैला रखी है। इसलिए हमने 'नफरत के बाजार में मोहब्बत की दुकान' खोलने के लिए यह यात्रा निकाली। हिन्दुस्तान की राजनीति पर इस यात्रा का बहुत बड़ा असर पड़ा था।'
उन्होंने कहा कि 'BJP ने देश के सामने नफरत और हिंसा की विचारधारा रखी है, उसके खिलाफ हम मोहब्बत की विचारधारा लेकर आए हैं। नफरत को नफरत नहीं काट सकती, नफरत को सिर्फ मोहब्बत से ही खत्म किया जा सकता है। एक तरफ BJP-RSS के लोग नफरत से देश को बांटने की बात करते हैं, वहीं दूसरी तरफ हम मोहब्बत की बात करते हैं।'
पीएम मोदी के मणिपुर न जाने पर उठाया सवाल
राहुल ने पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि जब हमने 'भारत जोड़ो यात्रा' पूरी की, तब कई लोगों ने हमसे कहा कि एक यात्रा नॉर्थ ईस्ट से लेकर महाराष्ट्र तक होनी चाहिए। जिसके बाद हमने 'भारत जोड़ो न्याय यात्रा' निकाली। इस यात्रा की शुरूआत मणिपुर से हुई, जहां हमने BJP की विचारधारा को अपनी आखों से देखा। मणिपुर को 2 भागों में बांट दिया गया है और भाई को भाई से लड़ाया जा रहा है। वहां अभी भी हिंसा जारी है। लेकिन हिन्दुस्तान के प्रधानमंत्री आज तक मणिपुर नहीं गए।
पूर्णिया और कटिहार में होगी राहुल की रैली
‘न्याय यात्रा’ ने ऐसे समय में राज्य में प्रवेश किया जब कांग्रेस के पूर्व सहयोगी और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एक दिन पहले फिर से पाला बदलकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) में वापस चले गए। कांग्रेस विधायक दल के नेता शकील अहमद खान ने बताया कि गांधी का किशनगंज में एक सार्वजनिक सभा को संबोधित करने का कार्यक्रम है, जिसके बाद मंगलवार को निकटवर्ती जिले पूर्णिया में एक बड़ी रैली और एक दिन बाद कटिहार में एक और रैली होगी।
क्या राहुल गांधी की रैली में आएंगे लालू यादव?
कांग्रेस की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष अखिलेश प्रसाद सिंह ने बताया कि राहुल गांधी बृहस्पतिवार को अररिया जिले के रास्ते पश्चिम बंगाल रवाना होंगे और कुछ दिनों बाद झारखंड के रास्ते फिर बिहार लौटेंगे। कांग्रेस की प्रदेश इकाई के नेताओं के अनुसार, बिहार में पार्टी के गठबंधन सहयोगियों राष्ट्रीय जनता दल (राजद) अध्यक्ष लालू प्रसाद और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य को पूर्णिया की रैली में आमंत्रित किया गया है।
नीतीश ने राहुल की यात्रा से पहले ही कर दिया खेला
कांग्रेस नेता प्रेम चंद्र मिश्रा ने 22 जनवरी को बताया था कि जनता दल-यूनाइटेड (जद-यू) अध्यक्ष नीतीश कुमार भी पूर्णिया में आयोजित रैली के दौरान राहुल गांधी के साथ मंच साझा करेंगे लेकिन न्याय यात्रा के बिहार में प्रवेश करने से एक दिन पहले ही नीतीश राज्य में ‘महागठबंधन’ और राष्ट्रीय स्तर पर विपक्षी गठबंधन इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस’ (इंडिया) से नाता तोड़कर राजग में चले गए।
