चुनावों में कथित ‘वोट चोरी’ और मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर जारी आंदोलन के बीच कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व ने गुरुवार को दिल्ली स्थित इंदिरा भवन में यूथ कांग्रेस (IYC), भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI) और सेवादल के पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं के साथ हाई-टी बैठक की।
बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी समेत पार्टी के वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। इस दौरान राहुल गांधी ने तीनों फ्रंटल संगठनों के कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन की तारीफ करते हुए उनका हौसला बढ़ाया और आंदोलन को आगे भी जारी रखने का संदेश दिया।
राहुल गांधी ने की ‘वोट चोरी’ के खिलाफ अनोखे प्रदर्शनों की तारीफ
सूत्रों के मुताबिक, राहुल गांधी ने बैठक की शुरुआत में ही यूथ कांग्रेस, NSUI और सेवादल के कार्यकर्ताओं की तारीफ करते हुए उन्हें ‘बब्बर शेर’ बताया। उन्होंने कहा कि तीनों संगठन जिस तरह नए और रचनात्मक तरीकों से विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं, वह सराहनीय है।
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राहुल गांधी ने यूथ कांग्रेस के उस प्रदर्शन का जिक्र किया, जिसमें कथित तौर पर मतदाता सूची से नाम काटे जाने के मुद्दे को प्रतीकात्मक तरीके से उठाया गया था। प्रदर्शन के दौरान यह संदेश देने की कोशिश की गई कि कथित वोट चोरी के जरिए 13 करोड़ लोगों के मतदान के अधिकार पर चोट की गई है। उन्होंने यूथ कांग्रेस के उस प्रदर्शन की भी तारीफ की, जिसमें मृत लोगों के नाम मतदाता सूची में शामिल होने और जीवित लोगों को मृत बताकर उनके नाम काटे जाने के आरोपों को भूत के गेटअप के जरिए दर्शाया गया था।
सूत्रों के अनुसार, राहुल गांधी ने NSUI के उस प्रदर्शन की भी सराहना की, जिसमें कार्यकर्ताओं ने वोट चोरी के मुद्दे पर शव की तरह प्रदर्शन किया था। उन्होंने कहा कि फ्रंटल संगठन जिस तरह अपने विरोध प्रदर्शनों के जरिए मुद्दों को जनता के सामने ला रहे हैं, वह महत्वपूर्ण है।
सेवादल को सफाई और व्यवस्थाओं के लिए सराहा
बैठक के दौरान राहुल गांधी ने सेवादल की भूमिका की भी तारीफ की। सूत्रों के मुताबिक उन्होंने सेवादल प्रमुख बी.वी. श्रीनिवास और कार्यकर्ताओं का उत्साह बढ़ाते हुए कहा कि प्रदर्शन में शामिल लोगों के लिए खाने-पीने की व्यवस्था करना अहम है, लेकिन प्रदर्शन के बाद खाली पानी की बोतलों और अन्य कचरे को साफ करना भी उतना ही जरूरी है। उन्होंने इस जिम्मेदारी को निभाने के लिए सेवादल को बधाई दी और आगे भी इसी तरह काम करते रहने को कहा।
‘जो पार्टी छोड़कर गए, वे ED-CBI के डर से गए’
बैठक में पार्टी छोड़कर जाने वाले नेताओं का मुद्दा भी उठा। सूत्रों के मुताबिक, राहुल गांधी ने कहा कि जो लोग पार्टी छोड़कर गए, वे प्रवर्तन निदेशालय (ED) और केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) के डर से गए हैं। इस पर मल्लिकार्जुन खड़गे ने टिप्पणी की कि वे राहुल गांधी के दोस्त थे।इसके जवाब में राहुल गांधी ने कहा कि वह एक राजनीतिक व्यक्ति हैं। उनके दोस्त हैं, लेकिन राजनीतिक दोस्त नहीं हैं।राहुल गांधी ने इस संदर्भ में अपने बचपन का एक किस्सा भी साझा किया। उन्होंने बताया कि एक बार उन्होंने अपनी दादी और पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी से पूछा था कि उनसे मिलने आने वाले लोग क्या उनके दोस्त हैं? इस पर इंदिरा गांधी ने उनसे कहा था कि जिन लोगों से वह रोज मिलती हैं, जरूरी नहीं कि वे उनके दोस्त हों। हो सकता है कि वे उन्हें अपना दोस्त समझते हों, लेकिन जरूरी नहीं कि वह भी उन्हें अपना दोस्त मानें।
पुलिस कार्रवाई का सामना करने वाले कार्यकर्ताओं को बढ़ाया हौसला
बैठक में उन कार्यकर्ताओं को भी बुलाया गया था, जिन्होंने हाल के विरोध प्रदर्शनों के दौरान पुलिस कार्रवाई, हिरासत और कथित प्रताड़ना का सामना किया। सूत्रों के मुताबिक, बैठक में 15 सेवादल, 25 NSUI और 27 यूथ कांग्रेस के प्रतिनिधि शामिल हुए। इनमें संबंधित संगठनों के अध्यक्षों और प्रभारियों के अलावा पुलिस कार्रवाई से प्रभावित कार्यकर्ताओं को भी जगह दी गई। राहुल गांधी ने युवाओं और छात्रों से कथित वोट चोरी के मुद्दे पर आंदोलन जारी रखने और केंद्र सरकार के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करते रहने का आह्वान किया। उन्होंने फ्रंटल संगठनों से छात्रों और युवाओं से जुड़े मुद्दों को मजबूती से उठाने तथा जनता की आवाज बनने को कहा।
उन्होंने पुलिस कार्रवाई और लाठीचार्ज का सामना करने वाले कार्यकर्ताओं के साहस की सराहना करते हुए उन्हें भरोसा दिलाया कि कांग्रेस उनके साथ खड़ी है। बैठक में यह संदेश भी दिया गया कि विरोध प्रदर्शनों और राजनीतिक संघर्ष के जरिए युवाओं के संवैधानिक अधिकारों से जुड़े मुद्दों को उठाया जाता रहेगा।
‘हमारा काम नेतृत्व देख रहा है’, बोले उदय भानु चिब
यूथ कांग्रेस अध्यक्ष उदय भानु चिब ने 'टाइम्स नाउ नवभारत' से बातचीत में कहा कि उनके लिए सबसे खुशी की बात यह है कि फ्रंटल संगठनों के कार्यकर्ताओं द्वारा किए जा रहे काम पर पार्टी का शीर्ष नेतृत्व नजर रख रहा है और उनका हौसला बढ़ा रहा है। बैठक को कांग्रेस के युवा और छात्र संगठनों के लिए उत्साह बढ़ाने की कवायद के तौर पर देखा जा रहा है। पार्टी का शीर्ष नेतृत्व कथित वोट चोरी के मुद्दे पर आंदोलन को आगे बढ़ाने के साथ-साथ युवाओं और छात्रों की भागीदारी मजबूत करने पर जोर दे रहा है।
