मनमोहन सरकार के जिस अध्यादेश को राहुल गांधी ने बकवास बता दिया था फाड़, अगर आज वो होता तो बच जाती सदस्यता

  • Authored by: शिशुपाल कुमार
  • Updated Mar 24, 2023, 05:47 PM IST

कांग्रेस नेता राहुल गांधी आजकल काफी सुर्खियों में हैं। कारण है कि उन्हें मानहानि के एक मामले में दो साल की सजा हो गई है। जिसके बाद उनकी लोकसभा की सदस्यता भी रद्द हो गई है। इस मामले पर पूरा विपक्ष एकजुट होता दिख रहा है। कांग्रेस बीजेपी के खिलाफ आक्रमक हो चुकी है और सड़कों पर उतरने की तैयारी कर रही है।

कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) की लोकसभा की सदस्यता छिनी जा चुकी है। उन्हें दो साल की सजा हो चुकी है और कई मामले कोर्ट में लंबित हैं। जिसमें से मानहानि और भ्रष्टाचार के मामले शामिल हैं। राहुल गांधी को जब सजा हुई और उनकी सदस्यता जाने की बात कही जाने लगी, तब सबसे ज्यादा उस अध्यादेश की चर्चा होने लगी, जिसे अगर राहुल गांधी ने नहीं रोका होता तो आज उनकी सदस्यता नहीं जाती।

rahul gandhi lalu yadav

राहुल गांधी की वो राजनातिक भूल, जिसके कारण चली गई उनकी सदस्यता

लालू यादव को बचाने वाला अध्यादेश!

बात यूपीए 2 की है। साल 2013 में सुप्रीम कोर्ट ने एक फैसला सुनाया था, जिसमें कहा गया था कि अगर किसी सांसद या विधायक को दो साल या उससे अधिक की सजा होती है तो उनकी सदस्यता रद्द हो जाएगी। इस फैसले का सबसे ज्यादा प्रभाव तब राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव पर पड़ने वाला था। लालू यादव के खिलाफ चारा घोटाले की सुनवाई चल रही थी और उस पर जल्द ही फैसला आने वाला था। लालू तब कांग्रेस और सोनिया गांधी के काफी करीब थे। सरकार में शामिल भी थे। जिसके बाद मनमोहन सिंह की सरकार ने एक अध्यादेश लाने की घोषणा की। इस अध्यादेश से सुप्रीम कोर्ट का फैसला बेअसर हो जाता है। इस अध्यादेश को पारित भी कर दिया गया था।

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